जब अरुणाचल में निकल आता है सूरज, तब गुजरात में क्यों रहता है अंधेरा? जानिए भारत के एक समय (IST) का दिलचस्प राज़

0
efhgfrngfn

क्या आपने कभी सोचा है कि भारत के पूर्वी छोर पर बसे अरुणाचल प्रदेश में जब सूरज की पहली किरणें धरती को रोशन कर देती हैं, तब देश के पश्चिमी हिस्से गुजरात के कई इलाकों में अभी भी अंधेरा क्यों होता है? इसकी वजह भारत का विशाल भौगोलिक विस्तार है। भारत पूर्व से पश्चिम तक लगभग 30 डिग्री देशांतर (Longitude) में फैला हुआ है। पृथ्वी 24 घंटे में 360 डिग्री घूमती है, यानी हर 1 डिग्री का समय अंतर लगभग 4 मिनट होता है। इसी हिसाब से भारत के पूर्वी और पश्चिमी छोर के बीच लगभग 2 घंटे का प्राकृतिक समय अंतर (Natural Time Gap) बन जाता है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि पूरे देश की घड़ियां एक ही समय दिखाती हैं। इसे हम Indian Standard Time (IST) कहते हैं।

आखिर IST तय कैसे होता है?

भारत का मानक समय 82°30′ East Longitude (82.5° पूर्वी देशांतर) के आधार पर तय किया गया है। यह काल्पनिक रेखा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के पास से होकर गुजरती है। इसलिए अक्सर कहा जाता है कि भारत का समय मिर्जापुर से तय होता है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर इसी Longitude को क्यों चुना गया? इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि यह रेखा भारत के मध्य भाग के सबसे करीब पड़ती है। अगर पूर्वी या पश्चिमी छोर की किसी Longitude को आधार बनाया जाता, तो देश के दूसरे हिस्सों में समय का अंतर बहुत अधिक महसूस होता। इसलिए एक ऐसी रेखा चुनी गई जो पूरे देश के लिए संतुलित और व्यावहारिक साबित हो।

ब्रिटिश शासन ने क्यों अपनाया था यह समय?

आजादी से पहले भारत में अलग-अलग शहरों का अपना स्थानीय समय हुआ करता था। मुंबई, कोलकाता और मद्रास जैसे शहर अपने-अपने स्थानीय सूर्य समय (Local Solar Time) के अनुसार घड़ियां चलाते थे। इससे रेलवे, डाक व्यवस्था और सरकारी कामकाज में काफी दिक्कतें आती थीं। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने 1905 में 82°30′ East Longitude के आधार पर Indian Standard Time लागू किया। इसके बाद पूरे देश में एक समान समय व्यवस्था शुरू हुई। आजादी के बाद भारत सरकार ने भी इसी समय प्रणाली को जारी रखा और आज तक पूरा देश इसी IST के अनुसार चलता है।

क्या भारत में दो टाइम ज़ोन होने चाहिए?

यह सवाल कई बार उठ चुका है। क्योंकि अरुणाचल प्रदेश जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में सूरज बहुत जल्दी निकलता और डूब जाता है, जबकि पश्चिमी राज्यों में दिन अपेक्षाकृत देर से शुरू होता है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में दो टाइम ज़ोन होने से ऊर्जा की बचत और कार्यक्षमता बढ़ सकती है। हालांकि सरकार का मानना है कि एक ही टाइम ज़ोन प्रशासन, परिवहन, रेलवे और संचार व्यवस्था के लिए अधिक सुविधाजनक है। इसलिए फिलहाल पूरे देश में केवल एक ही आधिकारिक समय लागू है।

क्या आप जानते हैं?

82°30′ East Longitude केवल उत्तर प्रदेश से ही नहीं गुजरती। यह भारत के कुल 5 राज्यों से होकर निकलती है-

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • ओडिशा
  • आंध्र प्रदेश

यही रेखा पूरे देश के लिए Indian Standard Time का आधार बनती है।

Leave a Reply

What’s next

Discover more from Detail News India

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading