संभल में गरजा योगी का बुलडोजर: 5 करोड़ की अवैध ईदगाह और मस्जिद जमींदोज, छावनी में बदला इलाका
उत्तर प्रदेश में अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में यूपी के संभल जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर बनी अवैध ईदगाह और मस्जिद को ढहा दिया है। कार्रवाई के दौरान जैसे ही प्रशासन का पीला पंजा चला, वहां हड़कंप मच गया और अवैध कब्जा कर बैठे मौलाना रोने लगे।
भारी सुरक्षा बल के बीच हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई
अवैध ढांचे को गिराने के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई। मौके पर भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी:
- सुरक्षा बल: मौके पर यूपी पुलिस, पीएसी (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के 100 से अधिक जवान मुस्तैद रहे।
- बुलडोजर का एक्शन: कड़े पहरे के बीच बुलडोजर की मदद से अवैध रूप से बनाई गई ईदगाह और मस्जिद के ढांचे को गिरा दिया गया। इस दौरान ईदगाह की लगभग 30-30 फीट ऊंची दो मीनारें पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दी गईं।
5 करोड़ की सरकारी जमीन और गरीब महिला का प्लॉट
प्रशासनिक जांच में सामने आया कि यह मामला करोड़ों रुपये की कीमती जमीन को अवैध रूप से हड़पने का था।
- कीमती जमीन: संभल के जिलाधिकारी के अनुसार, मुक्त कराई गई इस जमीन का बाजार मूल्य 5 करोड़ रुपये से भी अधिक है।
- गरीब महिला की जमीन पर कब्जा: आरोप है कि कब्जाधारियों ने न केवल सरकारी जमीन पर कब्जा किया, बल्कि गांव की ही एक बेबस महिला की 2 बीघा जमीन पर भी जबरन कब्जा जमा रखा था।
- प्लॉटिंग की साजिश: जानकारी के अनुसार, इस मजहबी ढांचे की आड़ लेकर जमीन की अवैध प्लॉटिंग करने की भी तैयारी चल रही थी।
जिलाधिकारी का बड़ा फैसला
अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई इस जमीन को लेकर प्रशासन ने अपनी योजना साफ कर दी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस भूमि का इस्तेमाल केवल जनता की भलाई के लिए होगा।
“5 करोड़ रुपये की इस सरकारी भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया है। अब इस पूरी भूमि का इस्तेमाल केवल सरकारी कार्यों के लिए किया जाएगा। यहां जनता की सुविधा के लिए अस्पताल, स्कूल या सरकारी दफ्तर बनाया जाएगा ताकि आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।” – जिलाधिकारी, संभल
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी चर्चा
इस कार्रवाई की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इंटरनेट यूजर्स इस पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि कानून की नजर में सब बराबर हैं, चाहे कोई किसी भी रसूख या मजहब का हो। सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ इसी तरह की निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। संभल में हुआ यह एक्शन उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो कानून को ताक पर रखकर जमीनों पर अवैध कब्जे का प्रयास करते हैं। योगी सरकार ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि प्रदेश में तुष्टीकरण की राजनीति के दिन अब खत्म हो चुके हैं और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून का हंटर इसी तरह चलता रहेगा।
