सेबाश्रय हेल्थ कैंप विवाद: महिला की टांग काटनी पड़ी, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ तीसरी FIR दर्ज
एक स्वास्थ्य शिविर… इलाज के लिए पहुँची एक महिला… और कुछ महीनों बाद उसकी टांग काटनी पड़ गई। पश्चिम बंगाल के चर्चित ‘सेबाश्रय’ हेल्थ कैंप को लेकर अब विवाद और गहरा गया है। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ तीसरी FIR दर्ज की गई है।
दक्षिण 24 परगना की रहने वाली मालती बिस्वास के परिवार की ओर से दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महिला घुटने के दर्द के इलाज के लिए सेबाश्रय हेल्थ कैंप में गई थीं। इलाज के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और आखिरकार अस्पताल में उनकी टांग काटनी पड़ी।
क्या है पूरा मामला?
एफआईआर के मुताबिक, मालती बिस्वास 8 फरवरी 2025 को आयोजित सेबाश्रय हेल्थ कैंप में इलाज कराने पहुँची थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दवा लिखने वाले व्यक्ति ने अपने पर्चे पर न तो पूरा नाम लिखा और न ही मेडिकल रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज किया।
परिवार का कहना है कि इलाज के बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद उन्हें एक अन्य सेबाश्रय हेल्थ कैंप और फिर सरकारी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में ऑपरेशन के बाद जटिलताएँ बढ़ गईं और डॉक्टरों को उनकी टांग काटनी पड़ी।
अभिषेक बनर्जी समेत कई लोगों पर मामला दर्ज
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अभिषेक बनर्जी और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, सेबाश्रय हेल्थ कैंप से जुड़ा यह तीसरा मामला है और पूरे प्रकरण की जांच जारी है।
इससे पहले भी हेल्थ कैंपों में कथित अनियमितताओं और मेडिकल प्रैक्टिस से जुड़े आरोपों को लेकर दो एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। शिकायतों में कैंपों के संचालन और इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए थे।
क्या है सेबाश्रय हेल्थ कैंप?
अभिषेक बनर्जी ने 2 जनवरी 2025 को ‘सेबाश्रय’ स्वास्थ्य पहल की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना बताया गया था।
हालांकि शुरुआत के कुछ समय बाद ही इस पहल को लेकर कई शिकायतें सामने आने लगीं। अब एक महिला की टांग काटने की नौबत आने के आरोप के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
