शामली धर्म परिवर्तन केस में बड़ा ट्विस्ट, डायरी से खुला PFI का ‘मिशन 2047’
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कल तक जो कहानी सिर्फ एक भटके हुए युवक की धर्म परिवर्तन और फिर उसकी ‘घर वापसी’ की लग रही थी, अब उस केस में पुलिस के हाथ लगी एक खुफिया डायरी ने पूरी कहानी का रुख ही बदल कर रख दिया है। एक ऐसी डायरी, जिसके एक पन्ने पर अंग्रेजी में लिखे सिर्फ चार शब्द—’I Am On A Mission’—ने देश की सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं।
उत्तर प्रदेश के शामली के रहने वाले करोड़पति कारोबारी देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक का मामला पिछले कई दिनों से पूरे देश में चर्चा में है। आयुष एक मुस्लिम लड़की चांदनी कुरैशी के जाल में फंसकर हिंदू से मुस्लिम बना था और खुद को मोहम्मद अली बताने लगा था। पिता देवराज मलिक की लंबी कोशिशों और परिवार के प्रेम के बाद आखिरकार आयुष ने घर वापसी कर ली। उसने अपने घर के मंदिर में पूजा की, परिवार से माफी मांगी और कैमरे पर साफ कबूल किया कि पाकिस्तानी मौलवियों की बातें सुनाकर उसका बुरी तरह ‘ब्रेनवॉश’ किया गया था। लगा कि कहानी यहीं खत्म हो गई, लेकिन असली खेल तो इसके बाद शुरू हुआ।
ई-मेल आईडी का पासवर्ड ‘2047’ और देशविरोधी साजिश
जांच को आगे बढ़ाते हुए जब पुलिस ने आयुष के ठिकाने की तलाशी ली, तो वहां से एक डायरी बरामद हुई। डायरी के पन्नों पर लिखे ‘मिशन’ वाले नोट के अलावा जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ, वह था आयुष की ई-मेल आईडी का पासवर्ड। जांच एजेंसियों को पता चला कि आयुष अपनी ई-मेल का पासवर्ड ‘2047’ रखता था। पहली नज़र में यह सिर्फ एक साधारण नंबर लग सकता है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह एक बेहद खतरनाक संकेत है।
दरअसल, ‘2047’ कोई आम संख्या नहीं बल्कि प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई (PFI) का वो घोषित कोडवर्ड है, जिसके तहत साल 2047 तक भारत को एक इस्लामिक राज्य बनाने का गुप्त और राष्ट्रविरोधी विजन तैयार किया गया था। पीएफआई ने इसी नाम से एक पूरी बुकलेट भी जारी की थी, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने सितंबर 2022 में इस पर पांच साल का कड़ा प्रतिबंध लगा दिया था।
अब इस पूरे मामले की सुई सीधे चांदनी कुरैशी और उसके अब्बा इस्लाम कुरैशी की तरफ घूम गई है, जिन्हें पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस एंगल से जांच कर रही हैं कि क्या चांदनी कुरैशी का सीधा कनेक्शन पीएफआई के स्लीपर सेल्स से है? क्या आयुष मलिक को मोहरा बनाकर उसकी करोड़ों की संपत्ति को देशविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल करने की साजिश रची जा रही थी? इस खुलासे ने यह भी साफ कर दिया है कि लव जिहाद के इस संगठित नेक्सस में अब लड़कियां भी एक सक्रिय टूल की तरह इस्तेमाल की जा रही हैं।
