वेनेजुएला में कुदरत का महातांडव: ‘सिस्मिक डबलेट’ से कांपी राजधानी काराकास, देश में इमरजेंसी लागू
वेनेजुएला की राजधानी काराकास में प्रकृति ने एक ऐसा विनाशकारी रूप दिखाया है, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार की शाम वेनेजुएला के इतिहास के लिए किसी कयामत से कम नहीं थी, जब वहां बैक-टू-बेक दो बेहद शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंप आए। इस भयानक प्राकृतिक आपदा ने लोगों को संभलने का एक पल भी नहीं दिया।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दुर्लभ और बेहद खतरनाक भूगर्भीय घटना को ‘सिस्मिक डबलेट’ (Seismic Doublet) कहा जाता है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पिछले 125 से अधिक वर्षों में वेनेजुएला में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है।
महज़ 39 सेकंड में आए दो विनाशकारी झटके
इस आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहला झटका 7.2 तीव्रता का था। लोग अभी इस झटके के खौफ से उबर कर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग ही रहे थे कि महज़ 39 सेकंड के भीतर दूसरा झटका आ गया। इस दूसरे भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.5 मापी गई। इन दोनों बड़े झटकों के एक साथ आने के कारण बहुमंजिला इमारतों को संभलने का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते सब कुछ मलबे में तब्दील हो गया।
थम गई देश की रफ्तार
भूकंप का सबसे भीषण और दर्दनाक असर काराकास के सबसे पॉश और आधुनिक इलाके ‘अल्टामीरा’ में देखने को मिला। यहाँ कई आलीशान और गगनचुंबी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। चारों तरफ सिर्फ धूल का गुबार और मलबे में अपनों को ढूंढते बेबस लोग दिखाई दे रहे हैं।
इस महाभूकंप के कारण देश का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह चरमरा गया है:
- इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद: देश का सबसे मुख्य और व्यस्त हवाई अड्डा ‘सिमोन बोलिवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ बुरी तरह डैमेज हो चुका है, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
- यातायात ठप: शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली ट्रेन और मेट्रो सेवाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं।
- ब्लैकआउट की स्थिति: कई शहरों में बिजली के खंभे और मोबाइल टावर गिर जाने के कारण बिजली और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह गुल हैं, जिससे राहत कार्य में भारी दिक्कतें आ रही हैं।
‘स्टेट ऑफ इमरजेंसी’ की घोषणा
हालात की गंभीरता को देखते हुए वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने पूरे देश में ‘स्टेट ऑफ इमरजेंसी’ (आपातकाल) की घोषणा कर दी है। प्रशासन और सेना को युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन में लगा दिया गया है।
“यह वेनेजुएला के लिए एक अत्यंत कठिन और दर्दनाक समय है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की जान बचाना और प्रभावित परिवारों तक तुरंत मदद पहुंचाना है।”
—डेल्सी रोड्रिगेज, कार्यवाहक राष्ट्रपति
शुरुआती आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस आपदा में अब तक कम से कम 32 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 700 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हालांकि, मलबे के विशाल आकार और ढही हुई इमारतों की संख्या को देखते हुए एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि आने वाले समय में हताहतों का यह आंकड़ा बहुत बड़ा हो सकता है। कुदरत के इस भयानक कहर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इंसान प्रकृति के सामने कितना बेबस है। इस बेहद मुश्किल घड़ी में वेनेजुएला के मासूम नागरिकों को हमारी सहानुभूति और दुआओं की सख्त जरूरत है।
