NCERT की कक्षा 9 की इतिहास की किताब में पहली बार शामिल हुआ आपातकाल का अध्याय
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने पहली बार कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक में 1975-77 के आपातकाल (Emergency) पर विस्तृत अध्याय शामिल किया है। नई किताब में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है।
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE 2023) के अनुरूप तैयार किए गए संशोधित पाठ्यक्रम में छात्रों को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास, संवैधानिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी देने का प्रयास किया गया है।
पहली बार कक्षा 9 की किताब में शामिल हुआ आपातकाल
रिपोर्ट के अनुसार, नई सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक लागू रहे आपातकाल पर अलग से चर्चा की गई है। इसमें बताया गया है कि इस दौरान भारतीय लोकतंत्र को गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा था और अनेक मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया था।
पाठ्यपुस्तक में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए, विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर व्यापक प्रभाव पड़ा। छात्रों को इस अवधि को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में पढ़ाया जाएगा।
लोकतांत्रिक मूल्यों को समझाने पर जोर
नई पुस्तक का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक घटनाओं का विवरण देना नहीं है, बल्कि छात्रों को यह समझाना भी है कि लोकतंत्र में संविधान, मौलिक अधिकार और संस्थाओं की स्वतंत्रता कितनी महत्वपूर्ण होती है।
NCERT के अनुसार, संशोधित पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को संवैधानिक मूल्यों, नागरिक कर्तव्यों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली से परिचित कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में बड़े बदलाव
सत्र 2026-27 से लागू नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक में केवल आपातकाल ही नहीं, बल्कि पूरे विषय की संरचना में व्यापक बदलाव किए गए हैं। पहले इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र अलग-अलग पुस्तकों में पढ़ाए जाते थे, जबकि अब इन्हें एकीकृत (Integrated) सामाजिक विज्ञान पुस्तक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अनुरूप किया गया है।
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय
1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया था, जो लगभग 21 महीने तक प्रभावी रहा। इस अवधि के दौरान विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियां, प्रेस सेंसरशिप और मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध जैसे कई घटनाक्रम हुए थे। नई NCERT पुस्तक में इस पूरे दौर को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
नई पाठ्यपुस्तक के जरिए अब कक्षा 9 के विद्यार्थियों को आपातकाल के राजनीतिक, संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रभावों के बारे में पढ़ाया जाएगा, ताकि वे भारतीय लोकतंत्र के विकासक्रम और संविधान के महत्व को बेहतर ढंग से समझ सकें.
