बैंक लॉकर में कितना सोना रखने की है इजाजत? तुरंत जान लें RBI का यह जरूरी नियम, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान!
भारत में सोने (Gold) को सिर्फ एक आभूषण नहीं, बल्कि मुसीबत के समय का सबसे बड़ा वित्तीय सहारा माना जाता है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग अपने महंगे गहनों और सोने के सिक्कों को घरों में रखने के बजाय सुरक्षित रखने के लिए बैंक के लॉकर (Bank Locker) का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बैंक लॉकर में कितना सोना रखा जा सकता है? क्या इसकी कोई अधिकतम सीमा तय है? रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियम इस बारे में क्या कहते हैं? आइए जानते हैं बैंक लॉकर और गोल्ड स्टोरेज से जुड़े इन बेहद महत्वपूर्ण नियमों को।
बैंक लॉकर में सोना रखने की क्या है लिमिट?
केंद्रीय बैंक यानी RBI के नियमों के मुताबिक, बैंक लॉकर में सोना या अन्य कीमती सामान रखने की कोई अधिकतम सीमा (Maximum Limit) तय नहीं की गई है। इसका मतलब यह है कि एक ग्राहक अपनी जरूरत और लॉकर के साइज के हिसाब से कितना भी सोना बैंक लॉकर में सुरक्षित रख सकता है। हालांकि, इसके साथ एक बड़ी शर्त जुड़ी हुई है। लॉकर में आप जो भी सोना रख रहे हैं, वह पूरी तरह से वैध (Legal) होना चाहिए और आपके पास उसकी खरीद या विरासत का पक्का प्रमाण (Source of Income/Bill) होना चाहिए।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि बैंक को यह जानने का अधिकार नहीं है कि आपने लॉकर के अंदर क्या रखा है, जब तक कि वह कोई अवैध या प्रतिबंधित चीज न हो।
घर में सोना रखने के क्या हैं नियम?
भले ही बैंक लॉकर के लिए कोई सीमा तय न हो, लेकिन इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक बिना सोर्स बताए घर में सोना रखने की एक निश्चित लिमिट तय है:
- विवाहित महिला: अपने पास अधिकतम 500 ग्राम सोना रख सकती है।
- अविवाहित महिला: अधिकतम 250 ग्राम सोना रख सकती है।
- पुरुष (विवाहित या अविवाहित): अपने नाम पर केवल 100 ग्राम सोना ही घर में रख सकते हैं।
अगर आपके पास इससे अधिक सोना मिलता है, तो आपको टैक्स अथॉरिटी के सामने उसका वैध स्रोत (Income Proof या वसीयत) साबित करना होगा।
नुकसान होने पर बैंक की क्या है जिम्मेदारी?
कई लोग यह मान लेते हैं कि बैंक लॉकर में रखा सामान 100% सुरक्षित है या नुकसान होने पर बैंक पूरा हर्जाना देगा, लेकिन ऐसा नहीं है। RBI के संशोधित नियमों के अनुसार, अगर बैंक की लापरवाही, चोरी, डकैती या आग लगने के कारण लॉकर को नुकसान पहुंचता है, तो बैंक की देनदारी वार्षिक लॉकर किराए के 100 गुना तक ही सीमित होती है। यानी अगर आपके लॉकर का सालाना किराया ₹3,000 है, तो बैंक आपको अधिकतम ₹3 लाख तक का ही मुआवजा देगा, भले ही उसमें करोड़ों का सोना क्यों न रखा हो। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदाओं (जैसे भूकंप या बाढ़) में बैंक की कोई जिम्मेदारी नहीं होती है। इसलिए जानकार हमेशा कीमती सोने का अलग से इंश्योरेंस कराने की सलाह देते हैं।
