टूटेगी अखिलेश की पार्टी? ओम प्रकाश राजभर के दावे से मचा सियासी बवाल
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक नए दावे ने हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों के भीतर जारी खींचतान और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अब समाजवादी पार्टी (सपा) को लेकर भी बड़ी अटकलें लगाई जा रही हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या सपा भी टूट की राह पर है? क्या अखिलेश यादव की पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा? इन चर्चाओं को हवा दी है सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने।
राजभर का बड़ा दावा
ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी में जल्द बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। उन्होंने लिखा कि सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी सौंपी है। साथ ही उन्होंने खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों में जांच का दायरा बढ़ रहा है, जिससे सपा नेतृत्व बेचैन है।
राजभर ने अपने पोस्ट में यह भी दावा किया कि सपा के कई नेता भाजपा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। उनके अनुसार, जांच एजेंसियों का शिकंजा कसने के कारण पार्टी के भीतर असहजता बढ़ती जा रही है।
सपा में टूट की अटकलें तेज
राजभर के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या वास्तव में समाजवादी पार्टी के भीतर कोई बड़ा संकट खड़ा हो रहा है। हालांकि, उनके दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस बयान ने सपा और भाजपा दोनों के समर्थकों के बीच बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष की किसी बड़ी पार्टी में टूट होती है, तो इसका सीधा असर राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। ऐसे में राजभर का यह बयान स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है।
ED की कार्रवाई को लेकर भी साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई और विभिन्न जांचों के कारण समाजवादी पार्टी का नेतृत्व दबाव में है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से पार्टी के भीतर बेचैनी और असंतोष बढ़ रहा है। हालांकि, सपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पहले भी अखिलेश पर हमलावर रहे हैं राजभर
यह पहला मौका नहीं है जब ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा हो। पिछले कुछ महीनों में दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग कई बार देखने को मिली है। हाल ही में राजभर ने अखिलेश यादव के विदेश दौरे पर भी तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि यदि घूमने ही जाना था तो लंदन और पेरिस की बजाय काशी, अयोध्या, मथुरा, नैमिषारण्य और मां विंध्यवासिनी धाम जैसे धार्मिक स्थलों का दौरा करना चाहिए था।
फिलहाल ओम प्रकाश राजभर के दावे राजनीतिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि, सपा में किसी संभावित टूट या नेताओं के भाजपा में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इन दावों पर समाजवादी पार्टी क्या प्रतिक्रिया देती है और उत्तर प्रदेश की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
