राहुल गांधी के रेलवे वाले दावे पर घमासान, भड़के गिरिराज सिंह

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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोलने को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि इस बार उनका एक सोशल मीडिया पोस्ट विवादों में आ गया है। राहुल गांधी द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो को लेकर केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वहीं, रेलवे ने भी राहुल गांधी के दावों का खंडन करते हुए पूरे मामले पर सफाई दी है।

राहुल गांधी ने शेयर किया था वीडियो

दरअसल, राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर रेलवे से जुड़ा एक वीडियो साझा किया था। वीडियो के साथ उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि यह दृश्य उन्हें झकझोर देने वाला है।

राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा “इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया। ये उस भारत के लाचार युवा हैं, जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ रुपये खर्च कर देती है, लेकिन छात्रों को सुरक्षित यात्रा तक नहीं दे सकती।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकार पूरी-पूरी ट्रेनें उपलब्ध करा देती है, लेकिन परीक्षा देने जा रहे छात्रों को भीड़, घुटन और अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि छात्रों की आवाज को सरकार नजरअंदाज कर रही है, लेकिन वह इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।

गिरिराज सिंह ने किया पलटवार

राहुल गांधी के इस पोस्ट पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।

गिरिराज सिंह ने कहा, “राहुल गांधी खुद ही फर्जी हैं, इसलिए फर्जी वीडियो शेयर करते हैं। रेलवे पहले ही इस वीडियो का खंडन कर चुका है और उसने स्पष्ट किया है कि ऐसी किसी घटना की जानकारी उसके पास नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी को इस तरह की गतिविधियां बंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा “पहले वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाते थे और अब फर्जी प्रचार का सहारा ले रहे हैं। अगर ऐसा किया गया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”

रेलवे ने क्या कहा?

राहुल गांधी के दावों के बाद पूर्व मध्य रेलवे ने मामले की जांच कर अपनी प्रतिक्रिया जारी की। रेलवे के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर किए गए कई दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक:

गलत लोकेशन: वीडियो का गहन परीक्षण करने पर पता चला कि यह घटना पूर्व मध्य रेल (East Central Railway) या पाटलिपुत्र स्टेशन से संबंधित है ही नहीं।

मौत का दावा सफेद झूठ: किसी भी प्रामाणिक स्रोत या स्टेशन से किसी भी व्यक्ति या छात्र की मौत की कोई जानकारी नहीं मिली है। मेडिकल इमरजेंसी, मौत नहीं: वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियों से साफ है कि वह किसी चिकित्सकीय समस्या या अत्यधिक थकान से प्रभावित हुआ था, न कि दम घुटने से उसकी मौत हुई थी।

रेलवे ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि इस तरह की संवेदनशील और भ्रामक अफवाहें न फैलाई जाएं। इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। भाजपा राहुल गांधी पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगा रही है।

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