करीम बना ‘आदित्य’, महिलाओं को मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के द्वारा बनाता था हवस का शिकार
पीड़ित महिला (इमेज सोर्स- IANS)
गुजरात के अहमदाबाद से ऑनलाइन डेटिंग और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं से संपर्क किया, शादी का झांसा दिया और उनके साथ धोखाधड़ी की। आरोपी की पहचान करीम रफीकभाई सिपाई के रूप में हुई है, जो मेहसाणा जिले के कड़ी क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है।
‘आदित्य पटेल’ बनकर बनाई फर्जी पहचान
पुलिस के अनुसार, आरोपी मैट्रिमोनियल और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर “आदित्य पटेल” नाम से सक्रिय था। उसने खुद को एक सफल व्यवसायी, MBA ग्रेजुएट और IT इंजीनियर बताकर महिलाओं का विश्वास जीतने की कोशिश की। जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी पहचान पर संदेह न हो।
विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को बनाया निशाना
जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी विशेष रूप से विधवा, तलाकशुदा और अकेले रह रही महिलाओं से संपर्क करता था। वह खुद को विधुर बताता था और दावा करता था कि उसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है। पुलिस के मुताबिक, इस कहानी को विश्वसनीय बनाने के लिए उसने कथित तौर पर एक फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तक तैयार कर रखा था।
शादी का वादा, फिर पैसों की मांग
पुलिस का आरोप है कि महिलाओं का भरोसा जीतने के बाद आरोपी उनसे आर्थिक मदद मांगना शुरू कर देता था। कभी व्यवसाय में नुकसान, कभी वित्तीय संकट और कभी निजी जरूरतों का हवाला देकर वह कथित तौर पर पैसे और अन्य सामान हासिल करता था। एक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसने आरोपी को लगभग 70 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी थी। कुछ रिपोर्टों में दोपहिया वाहन लेने का भी उल्लेख किया गया है।
ऐसे खुली पोल
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला को आरोपी की पहचान को लेकर शक हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, फोन कॉल के दौरान दिखाई गई जानकारी और आरोपी द्वारा दिए गए पते में अंतर मिलने के बाद महिला ने जांच शुरू की। बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल से मिला बड़ा डेटा
पुलिस जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों से बड़ी मात्रा में डेटा बरामद होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसियों को कई महिलाओं की प्रोफाइल, तस्वीरें और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितनी महिलाओं से संपर्क किया था और धोखाधड़ी का दायरा कितना बड़ा है।
फर्जी दस्तावेजों की भी जांच
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पास से मिले दस्तावेजों की सत्यता की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित फर्जी पहचान पत्र और अन्य सरकारी दस्तावेज कैसे तैयार किए गए। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क शामिल था।
पुलिस की अपील
जांच एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन डेटिंग और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर किसी भी व्यक्ति की पहचान, पेशे और व्यक्तिगत दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते ऐसे मामलों को देखते हुए सतर्कता और सत्यापन पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।
