अचानक खंभे पर क्यों चढ़ गए थे पीएम मोदी? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान !

0
ChatGPT Image Jun 16, 2026, 05_44_16 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं जो उनके व्यक्तित्व और बचपन की झलक दिखाते हैं। आज दुनिया उन्हें एक बड़े राजनेता और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में जानती है, लेकिन उनके बचपन से जुड़ी कुछ घटनाएं आज भी लोगों को हैरान कर देती हैं। ऐसा ही एक किस्सा उस समय का है जब नरेंद्र मोदी एक पक्षी को बचाने के लिए बिजली के खंभे पर चढ़ गए थे।

पक्षी को बचाने के लिए खंभे पर चढ़ गए थे मोदी

यह घटना नरेंद्र मोदी के स्कूली दिनों की बताई जाती है। उस समय वे एनसीसी कैंप में हिस्सा लिया करते थे। एक दिन कैंप के दौरान उनकी नजर एक ऐसे पक्षी पर पड़ी जो खंभे पर फंस गया था और खुद को छुड़ा नहीं पा रहा था। कैंप के नियमों के अनुसार बिना अनुमति बाहर जाना या कोई जोखिम उठाना मना था, लेकिन पक्षी को संकट में देखकर नरेंद्र मोदी खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने बिना देर किए खंभे पर चढ़कर पक्षी को बचाने की कोशिश की। इसी दौरान उनके शिक्षक की नजर उन पर पड़ गई। पहले तो शिक्षक काफी नाराज हुए, लेकिन जब उन्हें पूरी बात पता चली कि नरेंद्र मोदी एक बेबस पक्षी की जान बचाने के लिए ऐसा कर रहे थे, तो उनका गुस्सा शांत हो गया।

मगरमच्छ के बच्चे को घर ले आए थे

नरेंद्र मोदी के बचपन से जुड़ा एक और रोचक किस्सा काफी चर्चित है। बताया जाता है कि एक बार वे अपने दोस्तों के साथ शर्मिष्ठा सरोवर गए थे। वहां उन्हें एक मगरमच्छ का बच्चा दिखाई दिया और वे उसे अपने साथ घर ले आए। जब उनकी मां हीराबा को इस बारे में पता चला तो उन्होंने नरेंद्र मोदी को समझाया कि किसी बच्चे को उसकी मां से अलग करना गलत बात है। मां की सीख सुनने के बाद नरेंद्र मोदी ने मगरमच्छ के बच्चे को वापस सरोवर में छोड़ दिया।

स्कूल की चारदीवारी बनवाने में निभाई अहम भूमिका

नरेंद्र मोदी जब हाईस्कूल में पढ़ते थे, तब उनके स्कूल में चारदीवारी नहीं थी। स्कूल प्रबंधन के पास इतनी आर्थिक क्षमता भी नहीं थी कि वह इसका निर्माण करवा सके। स्कूल के रजत जयंती समारोह के दौरान नरेंद्र मोदी के मन में विचार आया कि छात्रों को भी इस काम में योगदान देना चाहिए। अभिनय में रुचि रखने वाले नरेंद्र मोदी ने अपने साथियों के साथ एक नाटक का आयोजन किया। नाटक से जो धनराशि जुटी, उसे स्कूल को दे दिया गया और उसी राशि से स्कूल की चारदीवारी बनवाने में मदद मिली।

चॉक से चमकाते थे अपने जूते

नरेंद्र मोदी के बचपन में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद साधारण थी। एक बार उनके मामा ने उन्हें सफेद कैनवस के जूते उपहार में दिए। हालांकि जूते मिल गए थे, लेकिन उन्हें साफ रखने के लिए पॉलिश खरीदना आसान नहीं था।

तब नरेंद्र मोदी ने अपनी समझदारी से एक अनोखा तरीका खोज निकाला। वे स्कूल में ब्लैकबोर्ड पर इस्तेमाल होने वाले चॉक के बचे हुए टुकड़े इकट्ठा करते थे। बाद में उन्हें बारीक पीसकर पानी में मिलाते और उस मिश्रण को अपने जूतों पर लगाते थे। सूखने के बाद जूते फिर से चमकदार दिखाई देने लगते थे।

नरेंद्र मोदी के बचपन से जुड़े ये किस्से उनकी संवेदनशीलता, रचनात्मक सोच और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता को दर्शाते हैं। चाहे पक्षी को बचाने के लिए खंभे पर चढ़ना हो, मगरमच्छ के बच्चे को उसकी मां के पास वापस पहुंचाना हो या फिर स्कूल की मदद के लिए नाटक आयोजित करना—ये घटनाएं उनके जीवन के उन पहलुओं को सामने लाती हैं जिन्हें आज भी लोग दिलचस्पी के साथ सुनते हैं।

Leave a Reply

What’s next

Discover more from Detail News India

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading