भारत-बांग्लादेश सीमा पर फंसे 12 लोगों को लेकर बढ़ा गतिरोध, BSF और BGB के बीच तीन दिन से जारी तनाव
भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में 12 लोगों का एक समूह पिछले तीन दिनों से दोनों देशों की सीमा के बीच फंसा हुआ है। इन लोगों की नागरिकता को लेकर भारत की सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (BGB) के बीच विवाद जारी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इन 12 लोगों को भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट रोका गया था। भारतीय पक्ष का दावा है कि ये बांग्लादेशी नागरिक हैं, जबकि बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसी BGB ने उन्हें अपना नागरिक मानने से इनकार कर दिया है। इसी वजह से दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।
तीन दिनों से अनिश्चितता में फंसे लोग
नागरिकता को लेकर विवाद के कारण इन 12 लोगों का भविष्य अधर में लटक गया है। दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच कई दौर की बातचीत और फ्लैग मीटिंग होने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
स्थानीय ग्रामीणों ने मानवीय आधार पर इन लोगों के लिए अस्थायी भोजन और आश्रय की व्यवस्था की है। हालांकि, उनकी कानूनी स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच सामने आया मामला
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और बांग्लादेश के बीच अवैध प्रवासियों की पहचान और वापसी को लेकर चर्चा तेज है। हाल ही में नई दिल्ली में BSF और BGB के महानिदेशक स्तर की बैठक भी हुई थी, जिसमें अवैध घुसपैठ, नागरिकता सत्यापन और प्रत्यावर्तन प्रक्रिया जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई थी।
भारत का कहना है कि उसने हजारों संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उनके सत्यापन के लिए ढाका को अनुरोध भेजा है। वहीं बांग्लादेश का आरोप है कि किसी भी व्यक्ति को निर्धारित कूटनीतिक और कानूनी प्रक्रिया के बिना सीमा पार भेजने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
पिछले कुछ हफ्तों में भारत-बांग्लादेश सीमा पर ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कथित तौर पर अवैध प्रवासियों को लेकर BSF और BGB के बीच मतभेद देखने को मिले। कुछ मामलों में लोगों को कई दिनों तक सीमा के ‘जीरो पॉइंट’ क्षेत्र में इंतजार करना पड़ा था, क्योंकि दोनों पक्ष उनकी नागरिकता को लेकर सहमत नहीं थे।
शांति बनाए रखने पर जोर
तनाव के बावजूद दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। BSF और BGB ने संयुक्त रूप से सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने, खुफिया जानकारी साझा करने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
फिलहाल नदिया जिले में फंसे 12 लोगों के मामले का समाधान नहीं हो पाया है। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर इन लोगों की नागरिकता का निर्धारण कैसे होगा और उनका भविष्य किस दिशा में जाएगा।
