‘भारत कोई धर्मशाला नहीं…’: लव जिहाद और लैंड जिहाद पर CM योगी का बड़ा प्रहार, रामायण के पात्रों का दिया उदाहरण
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार किया है। लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूबे के मुखिया ने साफ कर दिया कि यूपी में किसी भी तरह का अधर्म और अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नकारात्मक ताकतों के खिलाफ पूरे समाज को एकजुट होने का आह्वान किया है।
“भारत धर्मशाला नहीं”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कट्टरपंथियों को चेतावनी देते हुए कहा, “जो लोग भारत के प्रति आस्था और निष्ठा नहीं रखते हैं, जो लोग इस देश का खाते हैं लेकिन यहां के संस्कारों और संस्कृति का सम्मान नहीं कर सकते, उनके लिए भारत की धरती कोई धर्मशाला नहीं हो सकती।”
उन्होंने कहा कि भगवान राम सभी को जोड़ते हैं और राम भक्तों ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए 500 वर्षों तक कड़ा संघर्ष किया है।
‘रिलिजियस डेमोग्राफी’ बदलने की साजिश: CM योगी
‘लव जिहाद’ और अवैध धर्मांतरण के मामलों पर बोलते हुए सीएम योगी ने केरल हाईकोर्ट द्वारा 2009 और 2011 में व्यक्त की गई चिंताओं का हवाला दिया। उन्होंने इसे देश की ‘रिलिजियस डेमोग्राफी’ (धार्मिक जनसांख्यिकी) को बदलने की एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा बताया।
सीएम ने याद दिलाया कि इसी खतरे को भांपते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2020 में देश का सबसे सख्त कानून बनाया था। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि सिर्फ कानून बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि इस जिहाद के खिलाफ समाज में एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का समय आ गया है।
खर-दूषण और मारीच का उदाहरण
लव जिहाद के बाद मुख्यमंत्री ने ‘लैंड जिहाद’ (अवैध कब्जों) पर तीखा हमला बोला। इसके लिए उन्होंने रामायण काल के खूंखार राक्षसों खर-दूषण, मारीच और सुबाहु का उदाहरण दिया। सीएम योगी ने कहा, “रामायण काल में जैसे मारीच और सुबाहु किसी भी खाली जमीन को देखते ही वहां जबरन अपना तंबू गाड़ देते थे और ऋषि-मुनियों की जमीनों को हड़पकर उनके पवित्र यज्ञों को भंग करते थे, ठीक वैसी ही राक्षसी प्रवृत्ति आज के समय में कुछ नकारात्मक ताकतें दिखा रही हैं। जहां कहीं भी सरकारी जमीन या खाली जगह दिखती है, ये लोग अवैध तरीके से वहां कब्जा जमा लेते हैं।”
