3 महीने में गिर जाएगी सीएम विजय की सरकार? एमके स्टालिन के दावे से तमिलनाडु की राजनीति में मची हलचल

0
ChatGPT Image Jun 8, 2026, 06_19_36 PM

तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों सियासी बयानबाजी अपने चरम पर है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है, जिसने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने संकेत दिए हैं कि मौजूदा सरकार की स्थिति इतनी कमजोर है कि वह शायद तीन महीने भी न चल पाए।

स्टालिन के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, सरकार गिरने को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक संकेत या पुष्टि सामने नहीं आई है।

डीएमके में शामिल हुए पनैयार बाबू

दरअसल, रविवार को वीसीके के पूर्व विधायक पनैयार बाबू ने आधिकारिक रूप से डीएमके की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस दौरान डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, वरिष्ठ नेता टीआर बालू, कनिमोझी करुणानिधि और उदयनिधि स्टालिन भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय की सरकार पर निशाना साधते हुए कई सवाल खड़े किए।

क्या बोले एमके स्टालिन?

एमके स्टालिन ने कहा “जब यह सरकार सत्ता में आई थी, तब हमने कहा था कि हम छह महीने तक इसकी आलोचना नहीं करेंगे। लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि इस पर चर्चा करना जरूरी हो गया है। कई लोग पहले से ही इस बारे में बात कर रहे हैं। परिस्थितियां ऐसी हैं कि लोग सोच रहे हैं कि यह सरकार पांच या छह महीने तो क्या, तीन महीने भी चल पाएगी या नहीं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने शुरुआत में तय किया था कि छह महीने तक सरकार की आलोचना नहीं करूंगा, लेकिन अब स्थिति ऐसी बनती जा रही है कि शायद उससे पहले ही बोलना पड़े। आलोचनाएं लगातार बढ़ रही हैं और अब सवाल यह नहीं है कि सरकार छह महीने चलेगी या नहीं, बल्कि यह है कि क्या यह तीन महीने भी टिक पाएगी।”

स्टालिन के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई ठोस संकेत सामने नहीं आया है जिससे यह कहा जा सके कि मुख्यमंत्री विजय की सरकार पर तत्काल कोई संवैधानिक संकट मंडरा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल यह बयान विपक्ष की रणनीतिक राजनीति का हिस्सा भी हो सकता है। लेकिन इतना जरूर है कि इस बयान ने सरकार की स्थिरता को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

डीएमके और टीवीके के बीच बढ़ रही है राजनीतिक टक्कर

बात डीएमके और टीवीके के रिश्तों की करें तो दोनों दलों के बीच सियासी मुकाबला लगातार तेज होता जा रहा है। शुरुआत में विजय की राजनीति को एक नए प्रयोग के तौर पर देखा गया था, लेकिन अब टीवीके राज्य की राजनीति में एक मजबूत ताकत के रूप में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

दोनों दलों के नेता लगातार एक-दूसरे पर हमलावर हैं और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी तेज हो चुका है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में यह टकराव और अधिक तीखा हो सकता है क्योंकि दोनों पार्टियां खुद को जनता के सामने बेहतर विकल्प के रूप में पेश करने में जुटी हैं।

INDIA गठबंधन की बैठक में नहीं पहुंचे विजय

इसी बीच मुख्यमंत्री विजय एक और वजह से चर्चा में हैं। 8 जून को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हुए।हालांकि, मुख्यमंत्री विजय इस बैठक में शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

Leave a Reply

What’s next

Discover more from Detail News India

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading