भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव: अवैध प्रवासियों पर BSF की सख्ती से भड़के ढाका के एक्सपर्ट, दी ‘रिश्ते खराब होने’ की चेतावनी

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ढाका/नई दिल्ली:

भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को वापस भेजने की कोशिशों (Push-Back) को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और भू-राजनीतिक (Geopolitical) सरगर्मी तेज हो गई है। बांग्लादेश के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि भारत की ओर से संदिग्ध नागरिकों को जबरन सीमा पार भेजने का सिलसिला जारी रहा, तो ढाका और नई दिल्ली के बीच के द्विपक्षीय संबंधों में बड़ा तनाव पैदा हो सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमा पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच तनातनी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

एक्सपर्ट ने जताई गंभीर चिंता

ढाका यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल रिलेशंस के पूर्व प्रोफेसर डॉ. सीआर अबरार ने ‘द डेली स्टार’ से बातचीत के दौरान कहा कि दोनों देशों के बीच तीस्ता जल-बंटवारे जैसा संवेदनशील मुद्दा लंबे समय से लटका हुआ है। इसके साथ ही, दिसंबर में समाप्त हो रही गंगा जल-बंटवारा संधि के नवीनीकरण के लिए भी एक बेहतर और स्थिर राजनीतिक संवाद की बेहद जरूरत है। ऐसे नाजुक वक्त में सीमा पर इस तरह की ‘जबरन’ कार्रवाई दोनों देशों के आपसी हितों को नुकसान पहुंचा सकती है।

मनमानी प्रक्रिया पर उठे सवाल

BGB द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि मई 2025 से इस साल जनवरी के बीच कम से कम 2,303 लोगों को वापस बांग्लादेश सीमा की तरफ भेजा गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें 126 भारतीय नागरिक और 38 म्यांमार के नागरिक भी शामिल थे। इस पर एक्सपर्ट डॉ. अबरार ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह डेटा साफ दिखाता है कि अधिकारियों द्वारा बिना पूरी जांच के लोगों को बांग्लादेशी मानकर वापस भेजने की यह पूरी प्रक्रिया कितनी त्रुटिपूर्ण और मनमानी हो सकती है।

भारत ने भी कड़ा किया रुख

दूसरी तरफ, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस पूरे मामले पर अपना रुख साफ रखा है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि वे पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत केवल अवैध घुसपैठियों को ही वापस भेजने का प्रयास कर रहे हैं। भारत सरकार ने बांग्लादेश को याद दिलाया है कि सितंबर 2020 से नागरिकता की पुष्टि (Citizenship Verification) का इंतजार कर रहे 2,868 संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को लेकर 1,137 राजनयिक नोट (Diplomatic Notes) और 456 रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं, लेकिन ढाका प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस या सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

हाल ही में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने सीमा पर चौकसी और गश्त काफी तेज कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा भारत-बांग्लादेश सीमा वार्ता में और अधिक गहराने के आसार हैं।

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