बंगाल का ‘पुष्पा’ बना ‘फ्लावर’: TMC नेता जहांगीर खान नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार, STF की बड़ी कार्रवाई
Jahangir Khan Arrest: पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले और खुद को ‘बंगाल का पुष्पा’ बताने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता जहांगीर खान को सुरक्षा एजेंसियों ने दबोच लिया है। चुनाव के दौरान हिंसा भड़काने और पुलिस अधिकारियों को खुलेआम धमकी देने का आरोपी जहांगीर खान भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया गया है। बंगाल एसटीएफ (STF) की इस कार्रवाई को राज्य में उपद्रवियों और अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
कल तक सत्ता और ममता बनर्जी के संरक्षण के दम पर बंगाल में जबरन वसूली और आतंक का पर्याय बना यह गुंडा पुलिस की मुस्तैदी के आगे पूरी तरह बेबस नजर आया। कभी कानून को चुनौती देने वाला यह हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन बॉर्डर पार करने से पहले ही एसटीएफ ने इसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
IPS अजयपाल शर्मा को दी थी चुनौती
जहांगीर खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसमें वह सत्ता के नशे में चूर होकर उत्तर प्रदेश के जांबाज ‘सुपरकॉप’ आईपीएस (IPS) अजयपाल शर्मा से भिड़ गया था। इस मवाली नेता ने सरेआम ऑन-कैमरा पुलिस अधिकारी को ‘पुष्पा झुकेगा नहीं’ कहकर धमकी दी थी।
हालाँकि, कानून का शिकंजा कसते ही इस तथाकथित ‘पुष्पा’ की सारी हेकड़ी हवा हो गई। फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान (Repolling) के दौरान जब सुरक्षा कड़ी की गई, तो जहांगीर खान की हालत टाइट हो गई थी। स्थिति को भांपते हुए उसने चुनाव के दौरान ही अपने हाथ खड़े कर दिए थे और चुनावी मैदान से पीछे हट गया था।
तुष्टिकरण की राजनीति और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण
जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद राज्य की ममता बनर्जी सरकार एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर है। आरोप लग रहे हैं कि बंगाल में एक खास वर्ग के वोट बैंक को साधने और तुष्टिकरण की गंदी राजनीति के कारण ऐसे आदतन अपराधियों को खुली छूट दी गई।
जिस शख्स के खिलाफ जबरन वसूली, सरेआम धमकियां देने, राजनीतिक हिंसा भड़काने और कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने के 7 से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, उसे टीएमसी ने न सिर्फ प्रश्रय दिया बल्कि टिकट देकर चुनाव भी लड़वाया। फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी हिंसा और उपद्रव के पीछे इसी जहांगीर खान का हाथ बताया जा रहा था, जिसका भुगतान अब उसे सलाखों के पीछे रहकर करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक हलकों में हड़कंप
जहांगीर खान भले ही अब पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन जांच एजेंसियों की तफ्तीश अभी थमी नहीं है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि फरारी के दौरान इस हिस्ट्रीशीटर को किन-किन ठिकानों पर और किन बड़े नेताओं द्वारा पनाह दी गई थी? इसे नेपाल भगाने की साजिश के पीछे तृणमूल कांग्रेस के कौन से बड़े सफेदपोश शामिल हैं?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जहांगीर खान से कड़ाई से पूछताछ के बाद दक्षिण 24 परगना और पूरे बंगाल के संगठित अपराध व राजनीतिक हिंसा से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद कोलकाता से लेकर दक्षिण 24 परगना के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है और कई रसूखदारों की रातों की नींद उड़ चुकी है। राज्य में नई सरकार के गठन के साथ ही अपराधियों के खिलाफ शुरू हुए इस ताबड़तोड़ एक्शन ने साफ कर दिया है कि खुद को कानून से ऊपर समझने वालों का अंजाम बेहद बुरा होने वाला है।
