नेपाल की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत! भारत दौरे पर रबी लामिछाने, पीएम मोदी और एस. जयशंकर से होगी महाबैठक
Rabi Lamichhane India Visit: नेपाल की सत्ताधारी पार्टी, ‘राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी’ (RSP) के अध्यक्ष रबी लामिछाने अचानक भारत के 5 दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनके इस दौरे ने भारत और नेपाल के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। दिल्ली पहुंचते ही लामिछाने सीधे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने बीजेपी नेता नितिन नबीन से मुलाकात की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के आगामी भारत दौरे से ठीक पहले रबी लामिछाने का यह दौरा कई बड़े कूटनीतिक और रणनीतिक संकेत दे रहा है।
रबी लामिछाने के भारत दौरे की बड़ी बातें:
- पीएम मोदी और जयशंकर से मुलाकात: रबी लामिछाने का शेड्यूल बेहद व्यस्त है। वे भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही 3 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी एक हाई-प्रोफाइल बैठक तय की गई है।
- सम्मान में विशेष भोज: दिल्ली के राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में रबी लामिछाने के स्वागत के लिए एक विशेष भोज (डिनर) का आयोजन भी किया गया है।
- नेपाली समुदाय से संवाद: अपने 5 दिनों के इस दौरे में वे भारत में रह रहे प्रवासी नेपाली समुदाय के लोगों से भी बातचीत करेंगे ।
- अयोध्या की सांस्कृतिक यात्रा: राजनीतिक मुलाकातों के बाद रबी लामिछाने सीधे प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या के लिए रवाना होंगे, जहां वे रामलला के दर्शन करेंगे।
चीन के बढ़ते दखल के बीच भारत का बड़ा कदम
नेपाल में पिछले कुछ समय से चीन की बढ़ती सक्रियता और दखलअंदाजी को देखते हुए भारत का यह रुख बेहद अहम माना जा रहा है। रबी लामिछाने का यह दौरा सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी दोनों देशों को करीब लाने की एक बड़ी कवायद है। अयोध्या की यात्रा के जरिए दोनों देशों के बीच सदियों पुराने ‘रोटी-बेटी’ और सांस्कृतिक संबंधों को एक बार फिर से मजबूती देने की कोशिश की जा रही है। प्रधानमंत्री बालेन शाह के आधिकारिक दौरे से पहले सत्ताधारी पार्टी के अध्यक्ष का दिल्ली आना यह साफ संकेत देता है कि काठमांडू से लेकर दिल्ली तक पर्दे के पीछे कोई बड़ी स्क्रिप्ट लिखी जा रही है, जो आने वाले दिनों में नेपाल की राजनीति की दिशा तय कर सकती है।
इस महामुलाकात और रबी लामिछाने के इस रणनीतिक दौरे से भारत और नेपाल के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को लेकर कई अहम समझौतों पर भी बात आगे बढ़ सकती है।
