राबड़ी देवी ने सरकारी आवास खाली करने से किया इंकार, सीएम सम्राट चौधरी को दी खुली चुनौती

0
ChatGPT Image May 30, 2026, 05_58_24 PM

बिहार की राजनीति में इन दिनों सरकारी आवास को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने पटना स्थित अपने सरकारी आवास को खाली करने से साफ इंकार कर दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि चाहे जितनी फोर्स बुला ली जाए, वह बंगला खाली नहीं करेंगी। इस मुद्दे को लेकर राज्य में सियासी माहौल गरमा गया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, भवन निर्माण विभाग ने बिहार विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद 25 नवंबर 2025 को आदेश संख्या 122 के तहत राबड़ी देवी को नया सरकारी आवास 39 हार्डिंग रोड आवंटित किया था। इसके बाद उन्हें पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया गया।

हालांकि, राबड़ी देवी ने इस आदेश को मानने से इंकार कर दिया है और पुराने आवास में ही रहने की बात कही है।

राबड़ी देवी का दो टूक जवाब

आवास खाली करने के नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए राबड़ी देवी ने कहा “जितना भी फोर्स बुलाना है, बुलाइये बंगला खाली करने के लिए। बंगला खाली नहीं करेंगे।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

भेजा गया अंतिम नोटिस

बताया जा रहा है कि भवन निर्माण विभाग ने शुक्रवार को राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया था। इसके बाद प्रशासनिक गतिविधियां भी तेज हो गईं।

आवास पर पहुंची पुलिस टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। जानकारी के मुताबिक, सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी पुलिस टीम का नेतृत्व कर रही थीं। हालांकि, अभी तक किसी तरह की बलपूर्वक कार्रवाई की खबर सामने नहीं आई है।

20 साल से रह रही हैं इसी आवास में

राबड़ी देवी पिछले लगभग 20 वर्षों से 10 सर्कुलर रोड स्थित इस सरकारी आवास में रह रही हैं। यह बंगला सिर्फ एक सरकारी निवास नहीं, बल्कि लालू परिवार की कई राजनीतिक और व्यक्तिगत यादों से भी जुड़ा हुआ माना जाता है। यही वजह है कि राबड़ी देवी इस आवास को छोड़ने के लिए तैयार नहीं दिख रही हैं।

बढ़ सकती है राजनीतिक टकराव

सरकारी आवास को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। एक तरफ प्रशासन नियमों का हवाला दे रहा है, तो दूसरी ओर राबड़ी देवी अपने रुख पर कायम हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला बिहार की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

Leave a Reply

Discover more from Detail News India

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading