केरल में CJP समर्थित प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई, 100 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
केरल में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के समर्थन में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एर्नाकुलम टाउन साउथ पुलिस ने बिना अनुमति सार्वजनिक सभा आयोजित करने के आरोप में करीब 100 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस मामले में मलयालम रैपर हीरंदास मुरली (वेदन) के मैनेजर को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार शाम करीब 5 बजे कोच्चि के पनामपिल्ली नगर स्थित सेंट्रल पार्क के पास CJP के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में मलयालम रैपर हीरंदास मुरली उर्फ वेदन, गायक गबरी समेत कई लोग शामिल हुए।
पुलिस का आरोप है कि आयोजकों ने पहले से अनुमति न होने और अनुमति रद्द किए जाने की सूचना मिलने के बावजूद कार्यक्रम आयोजित किया।
मैनेजर समेत 100 लोगों पर मामला दर्ज
FIR के अनुसार, वेदन के मैनेजर विग्नेश जी. पिल्लई को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा 99 अन्य पहचाने गए और अज्ञात प्रतिभागियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि लगभग 100 लोग सार्वजनिक सड़क पर एकत्र हुए, जहां कलाकारों ने कथित NEET परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया और उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस के अनुसार, आयोजकों को कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने की सूचना पहले ही दे दी गई थी। इसके बावजूद सभा आयोजित की गई, जिससे सार्वजनिक सड़क पर वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई।
FIR में कहा गया है कि इस अनधिकृत जमावड़े के कारण सार्वजनिक मार्ग पर बाधा उत्पन्न हुई और कानून-व्यवस्था संबंधी नियमों का उल्लंघन हुआ।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
धारा 190 – गैरकानूनी सभा
धारा 223 – लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा
धारा 285 – सार्वजनिक मार्ग में खतरा या बाधा उत्पन्न करना
मामले की जांच एर्नाकुलम टाउन साउथ पुलिस द्वारा की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान क्या बोले वेदन?
सभा को संबोधित करते हुए रैपर हीरंदास मुरली (वेदन) ने कहा कि छात्र कथित तौर पर शिक्षा व्यवस्था और सरकारी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा “छात्र दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली और सरकारी नीतियों के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। लोकतंत्र में विश्वास रखने वाला कोई भी व्यक्ति इस स्थिति में चुप नहीं रह सकता। विफल नीतियों का लोकतांत्रिक राष्ट्र में कोई स्थान नहीं है।”
कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल
इस कार्रवाई के बाद केरल युवा कांग्रेस के राज्य महासचिव के. ए. आबिद अली ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने राज्य सरकार से आयोजकों और प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
