ममता बनर्जी ने CJP प्रदर्शन को दिया समर्थन, बोलीं- जरूरत पड़ी तो खुद भी जाऊंगी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। कोलकाता में आयोजित वार्षिक ‘शहीद दिवस’ रैली के दौरान उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह स्वयं भी CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
CJP प्रदर्शन को लेकर क्या बोलीं ममता?
रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही CJP के आंदोलन के समर्थन में रही है और आगे भी उनका समर्थन जारी रहेगा। उन्होंने कहा “जरूरत पड़ी तो मैं खुद CJP के विरोध प्रदर्शन में जाऊंगी। शुरू से उन्हें हमारा समर्थन था और आगे भी रहेगा।”
बागी नेताओं पर सबसे तीखा हमला
शहीद दिवस रैली के दौरान ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर भी कड़ा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो नेता पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे सीधे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होकर चुनाव लड़ें।
उन्होंने कहा “मैं उन्हें चुनौती देती हूं कि वे BJP में शामिल हों। मुझे इससे कोई समस्या नहीं है, बल्कि खुशी होगी। उनकी जगह लेने के लिए मेरे पास बहुत लोग हैं।”
इसके साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि पार्टी छोड़ने वालों की वापसी अब संभव नहीं होगी। उन्होंने कहा “मैं उन्हें वापस नहीं लूंगी।”
दिल्ली प्रदर्शन पर भी जताई थी प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि 20 जुलाई को पेपर लीक मामले को लेकर CJP द्वारा निकाले गए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
इस घटना के बाद ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए लिखा था कि वह दिल्ली में युवाओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करती हैं।
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा “यह कैसी सरकार है जो अपने ही छात्रों से डरती है? यह कैसा लोकतंत्र है जहां सवालों का जवाब बातचीत के बजाय लाठी और आंसू गैस से दिया जाता है?”
छात्रों के समर्थन में क्या कहा?
ममता बनर्जी ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि देश छात्रों, किसानों, महिलाओं, मजदूरों और हर नागरिक का है तथा असहमति जताना कोई अपराध नहीं है।
उन्होंने कहा कि वह युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी हैं और उनके साहस तथा जज़्बे को सलाम करती हैं।
