‘दिल्ली जाएंगे देवेंद्र फडणवीस, महाराष्ट्र में बदलेगा मुख्यमंत्री?’ संजय राउत के दावे से मची सियासी खलबली
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने एक ऐसा दावा किया है, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। संजय राउत का कहना है कि आने वाले एक-दो महीनों में अगर केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में कोई विस्तार या फेरबदल होता है, तो उसका सीधा असर महाराष्ट्र की सत्ता पर दिखाई देगा।
देवेंद्र फडणवीस जा सकते हैं दिल्ली नागपुर दौरे पर पहुंचे संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अगर केंद्र में मंत्रिमंडल का फेरबदल होता है, तो देवेंद्र फडणवीस देश की सेवा के लिए दिल्ली जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में महाराष्ट्र में बीजेपी का कोई वरिष्ठ मंत्री मुख्यमंत्री बन सकता है।” हालांकि, संजय राउत ने इस दावे को लेकर किसी ठोस सोर्स या नए मुख्यमंत्री के नाम का जिक्र नहीं किया।
18 जुलाई से ‘राम रक्षा आंदोलन’ संजय राउत नागपुर में शिवसेना (यूबीटी) के ‘राम रक्षा आंदोलन’ की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे थे, जो 18 जुलाई से शुरू हो रहा है। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग के आरोपों के विरोध में किया जा रहा है।
राउत ने कहा कि इस आंदोलन के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत और बीजेपी समेत सभी दलों के स्थानीय नेताओं को न्योता भेजा गया है। उन्होंने साफ किया कि यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राम भक्तों की आस्था से जुड़ा आंदोलन है।
परिसीमन और सोनम वांगचुक के मुद्दे पर सरकार को घेरा संजय राउत ने आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पीएम मोदी को लिखे पत्र का भी समर्थन किया। खड़गे ने परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद सत्र में सरकार लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव ला सकती है।
इसके अलावा, राउत ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सत्ता में बैठे लोगों ने अपनी संवेदनशीलता खो दी है।
