हैदराबाद के स्कूल में छात्र को कलमा पढ़ाने के आरोप, जांच की मांग तेज, स्कूल ने टीचर को हटाया
हैदराबाद के एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्र को कथित तौर पर कलमा पढ़ने के लिए कहे जाने के आरोपों के बाद मामला चर्चा में आ गया है। अभिभावकों की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जबकि स्कूल प्रशासन ने संबंधित शिक्षिका को सेवा से हटा दिया है। इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद के एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा के एक छात्र के अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उनके बच्चे को कलमा पढ़ने के लिए कहा गया। जब अभिभावकों को इस बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने स्कूल प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की और शिक्षा विभाग से मामले की जांच कराने की मांग की।
पुलिस ने क्या कहा?
मामले पर सैदाबाद थाना (SHO) की ओर से बताया गया कि संबंधित कक्षा में कुल 25 छात्र हैं और उनमें केवल एक छात्र हिंदू है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान शिक्षिका ने कहा कि धार्मिक सामग्री से जुड़ा होमवर्क गलती से उस छात्र की डायरी में दर्ज हो गया था। पुलिस ने बताया कि अभिभावकों की शिकायत दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई कानूनी राय लेने के बाद की जाएगी।
स्कूल ने की कार्रवाई
घटना सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने संबंधित शिक्षिका शेख आयशा परवीन को नौकरी से हटा दिया है। हालांकि स्कूल की ओर से इस पूरे मामले पर विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
भाजपा नेताओं ने उठाए सवाल
मामले को लेकर गोशामहल से भाजपा विधायक टी. राजा सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि किसी छात्र पर उसकी इच्छा के विरुद्ध धार्मिक शिक्षा थोपने का प्रयास हुआ है तो यह गंभीर और निंदनीय है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जाता।
