प्रियंका गांधी के नाम पर मंत्री बनाने के लिए 3 करोड़ रुपये मांगने का दावा, जांच में सामने आई फर्जी कॉल की कहानी

0
ChatGPT Image Jul 15, 2026, 06_05_58 PM

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि प्रियंका गांधी के कार्यालय की ओर से किसी विधायक को मंत्री बनाने के बदले 3 करोड़ रुपये की मांग की गई। इस दावे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। हालांकि, जांच में सामने आया कि मामला कथित साइबर ठगी का था और प्रियंका गांधी के कार्यालय का इससे कोई संबंध नहीं था।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केरल की कांग्रेस विधायक विद्या बालकृष्णन को 6 जुलाई को व्हाट्सऐप पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने अंग्रेजी में बातचीत करते हुए अपना नाम “राजकुमार” बताया और दावा किया कि वह वायनाड सांसद प्रियंका गांधी के कार्यालय से बोल रहा है।

कॉलर ने यह भी कहा कि जिले के एक अन्य सांसद ने उसे विधायक का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया है। इसके बाद उसने दावा किया कि राज्य सरकार में जल्द मंत्रिमंडल विस्तार होने वाला है और वह विधायक को मंत्री बनवा सकता है। इसके बदले उसने 3 करोड़ रुपये की मांग की।

विधायक को हुआ शक

विद्या बालकृष्णन को शुरुआत से ही इस कॉल पर संदेह हुआ कि यह साइबर ठगी का प्रयास हो सकता है। इसके बावजूद उन्होंने तुरंत कॉल नहीं काटा और करीब 10 मिनट तक कॉल करने वाले से बातचीत जारी रखी।

बातचीत के दौरान विधायक ने उससे पूछा कि वह आखिर उन्हें मंत्री कैसे बनवा सकता है। इस पर कॉलर ने कथित तौर पर पूरी प्रक्रिया समझाने की कोशिश की। विधायक ने बातचीत जारी रखकर अधिक से अधिक जानकारी जुटाने का प्रयास किया।

सांसद से की पुष्टि

कॉल समाप्त होने के बाद विधायक ने उस सांसद से संपर्क किया, जिसका नाम लेकर कॉलर ने उनका नंबर मिलने का दावा किया था।

बताया गया कि उस सांसद के पास भी पहले एक कॉल आया था, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय से जुड़ा हुआ बताया था और जिले के दो विधायकों के संपर्क नंबर मांगे थे। आशंका जताई गई कि उसी जानकारी का इस्तेमाल कर कथित ठग ने विधायक तक पहुंच बनाई।

प्रियंका गांधी के कार्यालय ने बताया फर्जी

इसके बाद विधायक और संबंधित सांसद ने प्रियंका गांधी के वास्तविक कार्यालय से संपर्क किया। वहां से स्पष्ट किया गया कि कार्यालय की ओर से ऐसा कोई कॉल नहीं किया गया था और पूरा मामला फर्जी है।

यानी मंत्री बनाने के बदले पैसे मांगने वाला व्यक्ति कथित तौर पर साइबर ठग था, जिसने खुद को प्रियंका गांधी के कार्यालय का कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश की।

साइबर सेल ने शुरू की जांच

घटना के बाद कोझिकोड साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि व्हाट्सऐप कॉल दिल्ली से की गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान के साथ-साथ पूरे संभावित साइबर ठगी नेटवर्क की जांच की जा रही है।

अब तक की जानकारी और संबंधित पक्षों के स्पष्टीकरण के अनुसार, यह एक कथित फर्जी कॉल का मामला था, जिसमें कॉलर ने प्रियंका गांधी के कार्यालय का नाम इस्तेमाल किया।

Leave a Reply

Discover more from Detail News India

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading