PM मोदी ने भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बीफ उत्पादक बताया? वायरल वीडियो का पूरा सच जानिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि मोदी खुद कह रहे हैं कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बीफ उत्पादक देश है। लेकिन क्या सच में प्रधानमंत्री ने ऐसा कहा था? या फिर इस वीडियो के साथ आधा सच परोसा जा रहा है?
इन दिनों सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने खुद स्वीकार किया है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बीफ उत्पादक देश है। दावा इतना तेजी से फैलाया गया कि कई लोगों ने बिना उसकी सच्चाई जाने उसे शेयर करना शुरू कर दिया।
लेकिन जब इस दावे की पड़ताल की गई, तो पूरी कहानी कुछ और ही निकली।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में न्यूज़ीलैंड के दौरे पर थे। इसी दौरे के दौरान ऑकलैंड में आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। दावा किया गया कि अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बीफ उत्पादक देश बताया था।
लेकिन जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, फैक्ट-चेक की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दावे की जांच में सामने आया कि प्रधानमंत्री ने अपने पूरे भाषण में कहीं भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया था।
बाद में PIB Fact Check ने भी इस वायरल दावे को पूरी तरह फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया। PIB ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड कार्यक्रम में भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक (Wheat Producer) देश बताया था, न कि बीफ उत्पादक।
यानी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ प्रधानमंत्री के बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया और दावा पूरी तरह भ्रामक निकला।
अब सवाल यह है कि आखिर ऐसे वीडियो वायरल क्यों किए जाते हैं?
इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि भारत जैसे विशाल आबादी वाले देश में सोशल मीडिया के जरिए किसी भी एडिट किए गए वीडियो या भ्रामक दावे को कुछ ही घंटों में लाखों लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। कई बार लोग वीडियो देखकर उसकी सच्चाई जांचने की बजाय उसे आगे शेयर कर देते हैं, जिससे फर्जी नैरेटिव तेजी से फैलने लगता है।
इसके पीछे एक और बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी है। आज AI और एडिटिंग तकनीक इतनी विकसित हो चुकी है कि कई लोग असली वीडियो और भ्रामक दावों के बीच का अंतर आसानी से नहीं समझ पाते। इसी तरह की AI आधारित गलत सूचनाओं का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी देखने को मिला था, जब पाकिस्तान की ओर से भारतीय सेना से जुड़े फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाए गए थे।
यही कारण है कि किसी भी वायरल वीडियो पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि किसी विश्वसनीय समाचार स्रोत, आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी या संबंधित सरकारी संस्थान से जरूर कर लेनी चाहिए।
फिलहाल इस मामले में तस्वीर बिल्कुल साफ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज़ीलैंड के ऑकलैंड कार्यक्रम में भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश बताया था। सोशल मीडिया पर जो दावा किया जा रहा है कि उन्होंने भारत को दूसरा सबसे बड़ा बीफ उत्पादक कहा, वह पूरी तरह भ्रामक है और PIB Fact Check द्वारा खारिज किया जा चुका है।
