BJP के मानहानि नोटिस पर उमर अब्दुल्ला का तंज, बोले- ये ‘लव लेटर’ है, हमारे विधायकों को खरीदने की कोशिश की
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। बीजेपी द्वारा भेजे गए मानहानि (Defamation) के कानूनी नोटिस पर पलटवार करते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने इसे सिर्फ एक ‘लव लेटर’ करार दिया है। उमर अब्दुल्ला ने साफ कहा कि वह इस तरह के नोटिसों से डरने वाले नहीं हैं और अदालत में इसका मजबूती से जवाब देंगे।
क्या है पूरा मामला? दरअसल, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी पर नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों को लालच देने और उन्हें खरीदने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया था। उमर अब्दुल्ला के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने उन्हें एक कानूनी नोटिस भेजा, जिसमें आरोपों को झूठा बताते हुए माफी मांगने या कानूनी कार्रवाई का सामना करने की बात कही गई थी।
‘बीजेपी के नोटिस सिर्फ लव लेटर जैसे’ बीजेपी के इसी मानहानि नोटिस पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, “बीजेपी की तरफ से जो नोटिस मुझे मिला है, वह कुछ और नहीं बल्कि एक ‘लव लेटर’ है। जब भी हम सच बोलते हैं या उनके (बीजेपी) कारनामों को जनता के सामने लाते हैं, तो उनकी तरफ से इसी तरह के प्रेम पत्र आने लगते हैं।”
उमर अब्दुल्ला ने अपने आरोपों पर कायम रहते हुए आगे कहा, “हमारे पास इस बात के पुख्ता आधार हैं कि किस तरह चुनाव के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों से संपर्क साधने और उन्हें तोड़ने की कोशिश की गई थी। हम अदालत में इस नोटिस का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और वहां दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”
बीजेपी ने आरोपों को बताया था बेबुनियाद दूसरी तरफ, बीजेपी नेताओं का कहना है कि उमर अब्दुल्ला सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। बीजेपी का दावा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को खरीदने की कोई कोशिश नहीं की गई और मुख्यमंत्री को बिना सबूत के इतने गंभीर आरोप लगाने के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। फिलहाल, इस ‘लव लेटर’ वाले बयान के बाद जम्मू-कश्मीर की सियासत में बयानबाजी का दौर और तेज हो गया है।
