ED Action on TMC: टीएमसी के 3 बैंक खाते सीज, 440 करोड़ रुपये फ्रीज; क्या गिरफ्तार होंगी ममता बनर्जी?

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पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले की जांच करते हुए केंद्रीय एजेंसी ने टीएमसी के तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है, जिनमें करीब 440 करोड़ रुपये जमा हैं। इस बड़ी कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं? आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला और क्यों ED अधिकारियों के भी इस घोटाले को देखकर होश उड़ गए हैं।

क्या है 440 करोड़ का यह ‘विमान घोटाला’?

ED के दावों के मुताबिक, यह मामला केवल पैसों के हेरफेर का नहीं है, बल्कि पार्टी फंड के इस्तेमाल के एक बेहद अजीब और संदिग्ध मॉडल से जुड़ा है। ED का आरोप है कि टीएमसी के बैंक खातों से करोड़ों रुपये एक निजी एविएशन कंपनी को ट्रांसफर किए गए, जिससे लग्जरी बिजनेस जेट और हेलीकॉप्टर खरीदे गए। हैरान करने वाली बात यह है कि इन्हीं विमानों को बाद में टीएमसी ने खुद ही किराए पर लेकर इस्तेमाल भी किया।

केयरवेल एविएशन पर छापेमारी से खुला राज

यह पूरा मामला कोलकाता स्थित एविएशन मैनेजमेंट और लीजिंग कंपनी ‘केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (Carewell Aviation India Pvt Ltd) पर ED की छापेमारी के बाद उजागर हुआ है।

  • कंपनी का गठन: यह कंपनी सितंबर 2021 में बनाई गई थी, यानी ठीक उसी समय जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटी थी।
  • करोड़ों का ट्रांजैक्शन: ED के अनुसार, अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच टीएमसी के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन को भेजे गए।
  • शेल कंपनियों का शक: जांच में यह भी सामने आया कि इस कंपनी ने मिले हुए पैसों में से 82.96 करोड़ रुपये एक और नई कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दिए।

पार्टी के पैसे से खरीदे गए करोड़ों के लग्जरी जेट और हेलीकॉप्टर

ED की चार्जशीट और शुरुआती जांच के अनुसार, टीएमसी से मिले फंड का इस्तेमाल कर केयरवेल एविएशन ने करीब 112 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से विमान खरीदे:

  1. Embraer Legacy 600 Business Jet: यह एक बेहद आलीशान और वीवीआईपी बिजनेस जेट है, जिसमें फ्लैट बेड में बदलने वाली सीटें और तमाम आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
  2. Agusta 109 SP Helicopter: यह एक हाई-स्पीड, ट्विन-इंजन वाला वीवीआईपी हेलीकॉप्टर है।

ED इस पूरे वित्तीय लेनदेन पर सवाल उठा रही है। एजेंसी का कहना है कि अगर विमान और हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए पैसा सीधे तौर पर राजनीतिक दल (TMC) की ओर से दिया गया था, तो फिर उन्हीं विमानों के इस्तेमाल के लिए पार्टी को दोबारा किराया क्यों चुकाना पड़ा? ED को शक है कि यह पूरा सिस्टम असली लेनदेन को छिपाने और पार्टी फंड को दूसरी जगह डायवर्ट करने के लिए तैयार किया गया था।

बागी विधायक की शिकायत पर शुरू हुई जांच

ममता बनर्जी की पार्टी का यह वित्तीय हेरफेर तब सामने आया, जब टीएमसी के ही एक बागी विधायक बिश्वनाथ दास ने इसके खिलाफ आवाज उठाई। दास ने बिधाननगर पुलिस में टीएमसी के इस संदिग्ध लेनदेन को लेकर एक एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। इसी एफआईआर को आधार बनाते हुए ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से अपनी जांच शुरू की। यह देश में अपनी तरह का पहला मामला है, जहां ED किसी राजनीतिक दल की फंडिंग की स्वतंत्र रूप से मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही है। इससे पहले दिल्ली आबकारी नीति मामले के तहत आम आदमी पार्टी (AAP) के बैंक खातों की जांच की गई थी।

क्या जेल जाएंगी ममता बनर्जी?

पश्चिम बंगाल की सत्ता से बाहर होने के बाद ममता बनर्जी के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरह दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मामले में जांच के बाद गिरफ्तारियां हुई थीं, वैसा ही कुछ रुख बंगाल में भी देखने को मिल सकता है। ED फिलहाल इस पूरे वित्तीय मॉडल और पैसों के असली सोर्स की तह तक पहुंचने में जुटी है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो टीएमसी नेतृत्व पर कानून का शिकंजा कसना तय है।

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