सीएम विजय की पीएम मोदी से गुहार, राशन के नए नियम पर जताई चिंता; 70 लाख गरीबों का उठाया मुद्दा
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य से जुड़े अहम मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की है। इस बार मामला राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) में प्रस्तावित संशोधन से जुड़ा है। विजय का कहना है कि अगर केंद्र सरकार का प्रस्ताव लागू होता है, तो तमिलनाडु के लाखों गरीब परिवारों को मौजूदा व्यवस्था की तुलना में कम अनाज मिल सकता है।
क्या है पूरा मामला?
केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA), 2013 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। मौजूदा व्यवस्था के तहत अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के प्रत्येक पात्र परिवार को हर महीने 35 किलोग्राम अनाज मिलता है, चाहे परिवार में सदस्यों की संख्या कितनी भी हो।
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार अब प्रति व्यक्ति प्रति माह 7 किलोग्राम अनाज देने की व्यवस्था की जाएगी, जबकि एक परिवार के लिए अधिकतम सीमा 35 किलोग्राम ही बनी रहेगी।
इसी प्रस्ताव पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने केंद्र सरकार के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
पीएम मोदी को लिखा पत्र
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि तमिलनाडु में वर्तमान समय में 18.64 लाख अंत्योदय राशन कार्ड हैं, जिनके माध्यम से 69.27 लाख लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न मिलता है।
उन्होंने कहा कि इन लाभार्थियों में विधवाएं, दिव्यांगजन, नियमित आय से वंचित वरिष्ठ नागरिक, आदिवासी परिवार, भूमिहीन खेतिहर मजदूर, दिहाड़ी मजदूर और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने लिखा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उद्देश्य इन्हीं कमजोर वर्गों को परिवार आधारित निश्चित खाद्यान्न उपलब्ध कराना था।
छोटे परिवारों को होगा नुकसान: विजय
मुख्यमंत्री विजय का कहना है कि यदि परिवार आधारित व्यवस्था को हटाकर प्रति व्यक्ति आवंटन लागू किया जाता है, तो उन राज्यों को सबसे अधिक नुकसान होगा जहां परिवार का औसत आकार छोटा है।
उन्होंने पत्र में लिखा कि तमिलनाडु ने परिवार नियोजन कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू किया है और इसी कारण राज्य में एक परिवार का औसत आकार केवल 3.54 सदस्य है। वर्तमान में तमिलनाडु को अंत्योदय अन्न योजना के तहत हर महीने 65,261 मीट्रिक टन मुफ्त खाद्यान्न मिलता है।
मौजूदा व्यवस्था बनाए रखने की अपील
मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया है कि अंत्योदय अन्न योजना के तहत प्रति परिवार प्रति माह 35 किलोग्राम अनाज देने का मौजूदा नियम जारी रखा जाए, चाहे परिवार में सदस्यों की संख्या कितनी भी हो।
उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के लगभग 70 लाख गरीब नागरिकों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
केंद्र सरकार का क्या कहना है?
केंद्र सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य खाद्यान्न वितरण में मौजूद असमानताओं को दूर करना और पोषण संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप अनाज का आवंटन सुनिश्चित करना है।
हालांकि, मुख्यमंत्री विजय का तर्क है कि इस बदलाव का सबसे अधिक असर तमिलनाडु जैसे राज्यों पर पड़ेगा। उनके अनुसार, छोटे परिवारों वाले गरीब परिवारों को वर्तमान व्यवस्था की तुलना में कम खाद्यान्न मिलने की आशंका है।
