राहुल गांधी से माफी की मांग क्यों? राफेल विवाद पर फिर गरमाई सियासत
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी एक बार फिर राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान से जुड़े दावों को आगे बढ़ाने का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है। इसी को लेकर राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है।
क्या है पूरा मामला?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया था कि उसने भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। अब भारतीय वायुसेना के एक आधिकारिक दस्तावेज के सामने आने के बाद यह दावा गलत साबित होने की बात कही जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा ने राहुल गांधी को निशाने पर लिया है।
भाजपा का आरोप है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राहुल गांधी ने राफेल विमानों को लेकर ऐसे सवाल और बयान दिए थे, जो पाकिस्तान के दावों को बल देते थे। हालांकि, यह भाजपा का आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी से देश की जनता से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राहुल गांधी बार-बार यह सवाल उठा रहे थे कि भारत के कितने राफेल विमान गिरे हैं। भंडारी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने राफेल को लेकर भारतीय वायुसेना का मजाक उड़ाया था।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि भारतीय वायुसेना के मेंटेनेंस ऑर्डर और आधिकारिक दस्तावेज स्पष्ट करते हैं कि भारत का एक भी राफेल विमान नष्ट नहीं हुआ। उनके अनुसार, अब राहुल गांधी को यह बताना चाहिए कि उन्होंने पाकिस्तान के दावों से मेल खाते सवाल क्यों उठाए।
इस संबंध में प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो भी साझा किया है।
भाजपा का सोशल मीडिया पोस्ट
भाजपा ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि राहुल गांधी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और उसके बाद लगातार यह सवाल पूछ रहे थे कि भारत के कितने विमान गिरे। पार्टी ने दावा किया कि अब सामने आए दस्तावेजों से स्पष्ट हो गया है कि भारतीय वायुसेना के सभी 36 राफेल विमान सुरक्षित हैं और उनके रखरखाव के लिए टेंडर जारी किया गया है।

भाजपा ने अपने पोस्ट में कहा कि इस तथ्य के सामने आने के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
भारतीय वायुसेना के दस्तावेज में क्या है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय वायुसेना द्वारा जारी एक सरकारी दस्तावेज में कहा गया है कि वायुसेना वर्तमान में सभी 36 राफेल लड़ाकू विमानों का संचालन कर रही है। दस्तावेज में इन विमानों के लिए पांच महीने की अवधि के ब्रिज सपोर्ट की आवश्यकता का भी उल्लेख किया गया है।
भाजपा इसी दस्तावेज को आधार बनाकर दावा कर रही है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत का कोई भी राफेल लड़ाकू विमान नष्ट नहीं हुआ था।
