बंगाल में TMC नेता पर फूटा लोगों का गुस्सा, “चोर-चोर” के नारों के बीच फेंके गए अंडे
पश्चिम बंगाल में एक बार फिर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक नेता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हुगली जिले में पूर्व TMC विधायक रामेंदु सिन्हा राय को सरकारी राहत सामग्री की कथित चोरी के मामले में हिरासत में लिए जाने के बाद लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। जब पुलिस उन्हें धनियाखाली थाने लेकर पहुंची, तो वहां मौजूद लोगों ने “चोर-चोर” के नारे लगाए और उन पर अंडे फेंके।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय लोगों के अनुसार, 11 जून की शाम धानियाखाली थाना क्षेत्र के कोटालपुर स्थित विवेकानंद टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज से सरकारी राहत सामग्री एक वाहन में ले जाई जा रही थी। आरोप है कि इस दौरान पूर्व विधायक रामेंदु सिन्हा राय अपने कुछ सहयोगियों के साथ वहां मौजूद थे। जब स्थानीय लोगों ने वाहन को रोककर सवाल उठाए, तो विवाद शुरू हो गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि बहस के दौरान सिन्हा राय ने कथित तौर पर हथियार दिखाकर लोगों को धमकाया और वहां से निकल गए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस जांच में क्या मिला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने कॉलेज परिसर में तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान बड़ी संख्या में तिरपाल, कंबल, डस्टबिन और अन्य सरकारी सामग्री बरामद होने का दावा किया गया। इसके बाद 12 जून को रामेंदु सिन्हा राय समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
जांच आगे बढ़ने पर हुगली पुलिस ने रामेंदु सिन्हा राय और उनके एक करीबी सहयोगी को कर्नाटक के बेलगावी से हिरासत में लिया। दोनों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उन्हें पश्चिम बंगाल लाया गया।
थाने पहुंचते ही भड़का लोगों का गुस्सा
रविवार को जब कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों आरोपियों को धनियाखाली पुलिस स्टेशन लाया गया, तो बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। इस दौरान भीड़ ने “चोर-चोर” के नारे लगाए और आरोपियों पर अंडे फेंके। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों को सुरक्षित थाने के भीतर ले गई।
इससे पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
यह पहला मौका नहीं है जब किसी TMC नेता के खिलाफ लोगों का गुस्सा इस तरह खुलकर सामने आया हो। कुछ दिन पहले हावड़ा के अमरदाहा गांव में TMC नेता सन्यासी मन्ना के साथ भी एक विवादित घटना हुई थी। आरोप है कि ग्रामीणों ने उनका सिर मुंडवाकर जूतों की माला पहनाई और गांव में घुमाया।
स्थानीय लोगों का दावा था कि वह सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें भीड़ से सुरक्षित निकालकर स्थिति को संभाला।
