बंगाल से एक और ‘शाहजहां’ गिरफ्तार: देगंगा का TMC नेता रबीउल इस्लाम पुलिस की गिरफ्त में, महिलाओं पर अत्याचार और 10 करोड़ के साम्राज्य का पर्दाफाश
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली का घाव अभी पूरी तरह सूखा भी नहीं था कि सूबे से महिलाओं के उत्पीड़न और राजनीतिक आतंक की एक और झकझोर देने वाली दास्तां सामने आई है। देगंगा पंचायत का तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता रबीउल इस्लाम, जिसे इलाके के लोग ‘मिनी शाहजहां’ कह रहे हैं, अब पुलिस की गिरफ्त में है। कभी मामूली दिहाड़ी मजदूर रहे रबीउल पर बेगुनाह महिलाओं की अस्मत से खिलवाड़ करने और दहशत के दम पर करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने के बेहद गंभीर आरोप लगे हैं।
100 बीघे का ‘गार्डन हाउस’ और खौफ की दास्तां
स्थानीय निवासियों और पीड़ितों के अनुसार, रबीउल इस्लाम ने देगंगा इलाके में करीब 100 बीघा जमीन पर एक आलीशान ‘गार्डन हाउस’ बना रखा था। आरोप है कि वह रात के सन्नाटे में गांव की असहाय महिलाओं को ‘मछली तलने’ या खाना बनाने के बहाने इस ठिकाने पर तलब करता था। जो महिलाएं वहां जाने से इनकार करतीं, उनके पतियों को उठवा लिया जाता था और उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। बंदूक की नोंक और राजनीतिक रसूख के बल पर विरोध की हर आवाज को दबा दिया जाता था। इस आलीशान ठिकाने पर महिलाओं को बंधक बनाकर उन पर अमानवीय अत्याचार किए जाते थे।
मजदूर से 10 करोड़ के साम्राज्य का मालिक बनने का सफर
साल 2011 में ममता बनर्जी के सत्ता में आने से पहले रबीउल इस्लाम एक साधारण दिहाड़ी मजदूर था, जो दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करता था। लेकिन सत्ताधारी दल में पैठ बनाने के बाद उसकी किस्मत तेजी से बदली। आरोप है कि सरकारी परियोजनाओं के लिए आवंटित धन और संसाधनों का दुरुपयोग कर उसने अपने निजी गार्डन हाउस को सजाया। देखते ही देखते वह 10 करोड़ रुपये की संपत्ति और आलीशान साम्राज्य का मालिक बन बैठा।
बांग्लादेश भागने की फिराक में था, बॉर्डर पर दबोचा गया
बंगाल में राजनीतिक बदलाव और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस की बढ़ती सक्रियता के बाद रबीउल इस्लाम अंडरग्राउंड हो गया था। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए बसीरहाट बॉर्डर के रास्ते पड़ोसी देश बांग्लादेश भागने की फिराक में था। हालांकि, मुस्तैद पुलिस ने उसे सीमा पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद जब उसे ले जाया जा रहा था, तो आक्रोशित स्थानीय लोगों ने उसे दौड़ा लिया। फिलहाल आरोपी टीएमसी नेता को जेल भेज दिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद देगंगा और आसपास के इलाकों में टीएमसी नेताओं के कथित काले कारनामों को लेकर जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोग इसे इंसानियत को शर्मसार करने वाला गुंडाराज करार दे रहे हैं।
