पटना की प्रस्तावित टाउनशिप का नाम होगा ‘पाटलिपुत्र’, सम्राट चौधरी सरकार का बड़ा फैसला
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी
बिहार सरकार ने राजधानी पटना के लिए प्रस्तावित नई ग्रीनफील्ड टाउनशिप को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि पटना में विकसित की जाने वाली प्रस्तावित टाउनशिप का नाम अब ‘पाटलिपुत्र’ होगा। यह घोषणा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की है।
पाटलिपुत्र नाम से विकसित होगी नई टाउनशिप
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना के आसपास विकसित की जा रही नई टाउनशिप को ऐतिहासिक पहचान से जोड़ते हुए उसका नाम ‘पाटलिपुत्र’ रखा जाएगा। सरकार का उद्देश्य बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शहरी विकास के साथ जोड़ना है।
बड़े स्तर पर विकसित की जाएगी परियोजना
सरकार के अनुसार, प्रस्तावित पाटलिपुत्र टाउनशिप को बड़े भू-भाग में विकसित करने की योजना है। इस परियोजना का उद्देश्य राजधानी पटना पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करना और नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है। विभिन्न रिपोर्टों में बताया गया है कि यह परियोजना राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी शहरी विकास योजनाओं में शामिल है।
बिहार में 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की योजना
बिहार सरकार पहले ही राज्य में 11 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है। यह फैसला सम्राट चौधरी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में लिया गया था। सरकार का कहना है कि इन टाउनशिप के जरिए नियोजित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य की आबादी तथा औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई शहरी संरचना विकसित की जाएगी।
कैबिनेट के निर्णय के तहत इन प्रस्तावित क्षेत्रों में मास्टर प्लान तैयार होने तक भूमि की बिक्री, हस्तांतरण, विकास और नए निर्माण पर रोक लगाने का भी फैसला किया गया था।
ऐतिहासिक पहचान को मिलेगा नया स्वरूप
‘पाटलिपुत्र’ नाम प्राचीन भारत की उस ऐतिहासिक राजधानी से जुड़ा है, जिसे आज का पटना माना जाता है। मौर्य और गुप्त साम्राज्य सहित कई ऐतिहासिक राजवंशों की राजधानी रहे पाटलिपुत्र का भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रहा है।
सरकार का मानना है कि नई टाउनशिप को यह नाम देने से बिहार की ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान मिलेगी और आधुनिक विकास परियोजना को सांस्कृतिक आधार भी प्राप्त होगा।
शहरी विकास को मिलेगी रफ्तार
राज्य सरकार का दावा है कि नई टाउनशिप के विकास से आवास, सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का आधुनिक ढांचा तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही पटना महानगर क्षेत्र के विस्तार और निवेश आकर्षित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल सरकार की ओर से परियोजना के विस्तृत खाके पर काम जारी है और आने वाले समय में इसके विभिन्न चरणों की घोषणा की जा सकती है।
