ममता बनर्जी क्यों होना चाहती हैं गिरफ्तार? अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद भाजपा को दी खुली चुनौती

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं। एक तरफ टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर राज्य की राजनीति गरमाई हुई है, तो दूसरी ओर पार्टी के भीतर भी असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच ममता बनर्जी का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यदि भाजपा चाहे तो उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।

अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर बढ़ा विवाद

दरअसल, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में पार्टी रानी रश्मोनी एवेन्यू में धरना प्रदर्शन करना चाहती थी। हालांकि, प्रशासन की ओर से इसकी अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद टीएमसी ने इस फैसले का विरोध किया और ममता बनर्जी ने भी इसे लेकर भाजपा पर निशाना साधा।

सोमवार को जारी एक वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने कहा, “तृणमूल कांग्रेस 2 जून को बिना पुलिस की इजाजत, बिना माइक और बिना स्टेज के भी विरोध प्रदर्शन करेगी। अगर हमें कोलकाता में प्रदर्शन नहीं करने दिया गया तो हम दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे। मैं गिरफ्तार होने के लिए तैयार हूं।”

ममता बनर्जी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इसे उनकी राजनीतिक रणनीति बता रहा है, जबकि टीएमसी इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई के रूप में पेश कर रही है।

ममता बनर्जी ने आगे कहा, “पुलिस एक राजनीतिक पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है। अगर आप मुझे यहां लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन नहीं करने देंगे तो मैं दिल्ली जाऊंगी। हमारी इंडी गठबंधन की बैठक भी है।”

उनके इस बयान को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

टीएमसी विधायकों की बैठक भी हुई स्थगित

इस बीच तृणमूल कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों की रविवार को प्रस्तावित बैठक भी स्थगित कर दी गई। पार्टी सूत्रों के अनुसार, करीब 80 विधायकों में से बड़ी संख्या में विधायक बैठक में नहीं पहुंचे, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता खुद ममता बनर्जी को करनी थी। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी के भीतर की स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

ममता बनर्जी के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा

ममता बनर्जी की मुश्किलें उस समय और बढ़ गईं जब उनके खिलाफ एक शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया।

कलकत्ता हाई कोर्ट की जलपाईगुड़ी बेंच के एक वकील की शिकायत पर सिलीगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता वकील रिंकी चटर्जी का आरोप है कि ममता बनर्जी ने एक मुस्लिम धार्मिक कार्यक्रम में सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

क्या है अभिषेक बनर्जी पर हमले का मामला?

अभिषेक बनर्जी पर हमला दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में कथित चुनाव बाद हिंसा से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान हुआ था। वह हिंसा प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे।

इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उनके काफिले पर पथराव किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनपर जूते-चप्पल और अंडे भी फेंके। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर अभिषेक बनर्जी को वहां से सुरक्षित निकाला।

घटना के दौरान अभिषेक बनर्जी पुलिस का हेलमेट पहने हुए दिखाई दिए थे और उनकी शर्ट भी फटी हुई नजर आई थी।

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