पाकिस्तान में ‘अज्ञात हमलावरों’ का कहर: पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान मुजफ्फराबाद में ढेर

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हमजा बुरहान

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से भारत के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए भीषण आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। इस घटना के बाद एक बार फिर ‘अननोन गनमेन’ की चर्चा तेज हो गई है, जिससे पाकिस्तान में पनाह लिए बैठे आतंकी आकाओं के बीच हड़कंप मच गया है।

दोपहर 1 बजे हुआ सटीक निशाना

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 21 मई की दोपहर करीब 1 बजे की है। हमजा बुरहान जब मुजफ्फराबाद स्थित एम्स स्कूल के बाहर अपनी गाड़ी से निकला, तभी पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमले में हमजा की मौके पर ही मौत हो गई।

प्रिंसिपल की आड़ में ‘आतंकी चेहरा’

हमजा बुरहान की कहानी यह दर्शाती है कि किस तरह आतंक के आका शिक्षा और रसूख का इस्तेमाल ढाल के रूप में करते हैं:

  • मूल निवासी: हमजा मूल रूप से पुलवामा जिले के रतनीपुरा का रहने वाला था। वह वैध दस्तावेजों के आधार पर भारत से पाकिस्तान गया था।
  • दोहरी जिंदगी: पाकिस्तान पहुंचने के बाद वह आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हो गया। हैरान करने वाली बात यह है कि वह मुजफ्फराबाद के ‘अब्बास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस’ में प्रिंसिपल के पद पर तैनात था।
  • साजिश का केंद्र: प्रिंसिपल की भेष में रहते हुए वह घाटी के युवाओं का ब्रेनवॉश करता था और उन्हें अल-बद्र में भर्ती कर आतंक के रास्ते पर धकेलता था।

पुलवामा हमले में भूमिका

जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, पुलवामा हमले के लिए ओवरग्राउंड वर्करों (OGW) के जरिए भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार इकट्ठा करने का मुख्य जिम्मा हमजा के पास ही था। उसने शिक्षा का उपयोग युवाओं को गुमराह करने और भारत के खिलाफ आतंकी साजिशें रचने के लिए किया।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का दावा: सोशल मीडिया पर हलचल

हमजा की मौत के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से किए गए एक फेसबुक पोस्ट में इस हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। पोस्ट में लिखा गया है कि – “हमने पुलवामा हमले का बदला ले लिया है।” हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अभी इस दावे की सत्यता की जांच कर रही हैं।

तुष्टीकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार

आर्टिकल में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि हमजा जैसे ‘पढ़े-लिखे’ आतंकियों की कहानी उन लोगों के लिए एक आईना है जो यह तर्क देते हैं कि एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। हमजा बुरहान का उदाहरण साबित करता है कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, लेकिन जब सुरक्षा की बात आती है, तो कानून की नजर में केवल अपराधी ही होता है।

निष्कर्ष: आतंक के खात्मे की ओर

हमजा बुरहान की मौत पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश है और यह बात तय है कि आने वाले दिन में पाकिस्तान से आतंकवाद का जड़ से खात्मा कर दिया जाएगा।

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