‘बांग्लादेश जैसा तख्तापलट टला…’ कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दावा- छात्र आंदोलन के पहले ही दिन इस्तीफा देने को तैयार थे धर्मेंद्र प्रधान!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक बड़ा और सनसनीखेज खुलासा किया है। इंदौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बीजेपी के दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान आंदोलन के पहले ही दिन इस्तीफा देने के लिए तैयार थे, लेकिन पार्टी आलाकमान ने एक बड़ी रणनीति के तहत उन्हें उस समय रोक दिया था।
पहला दिन ही पद छोड़ने की बात कही थी: विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान कोई कुर्सी से चिपके रहने वाले नेता नहीं हैं। उन्हें संगठन जो भी जिम्मेदारी देता है, उसे वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाते हैं। जिस दिन जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू हुआ था, उसी दिन प्रधान ने पार्टी अध्यक्ष से कहा था कि अगर पार्टी को सही लगता है तो वे इस्तीफा देने को तैयार हैं।”
हालांकि, बीजेपी आलाकमान ने उन्हें तत्काल इस्तीफा देने से रोक दिया था। पार्टी अध्यक्ष ने साफ निर्देश दिया था कि जब तक संगठन किसी अंतिम फैसले पर नहीं पहुंचता, तब तक कोई भी इस्तीफे की बात नहीं करेगा। बाद में, सही समय आने पर धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ दिया।
‘भारत को बांग्लादेश-श्रीलंका बनाने की साजिश हुई नाकाम’
विजयवर्गीय ने आगे दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश की रीढ़ तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बांग्लादेश और श्रीलंका में जनता के आक्रोश की आड़ में तख्तापलट और अराजकता फैलाई गई थी, ठीक वैसी ही स्क्रिप्ट भारत के लिए भी लिखी जा रही थी।
बीजेपी नेता के मुताबिक, “छात्रों की मांगें जायज थीं, लेकिन उनकी आड़ में देश-विरोधी गैंग, विदेशी फंडिंग और फर्जी हमदर्द हिंसा फैलाने की फिराक में थे। लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मास्टरस्ट्रोक ने साजिशकर्ताओं के पूरे नैरेटिव को एक झटके में ध्वस्त कर दिया।”
कांग्रेस पर तीखा तंज- ‘पड़ोसी के घर बच्चा, कांग्रेस बजा रही ढोलक’
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस द्वारा जश्न मनाए जाने पर कैलाश विजयवर्गीय ने सख्त लहजे में तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की भूमिका इस आंदोलन में शून्य थी। जब आंदोलन खड़ा हो गया, तो कांग्रेस के नेता राजनीति चमकाने के लिए पीछे आकर खड़े हो गए। विजयवर्गीय ने कटाक्ष करते हुए कहा, “पड़ोसी के घर में बच्चा पैदा हुआ है और कांग्रेस ढोलक बजा रही है। पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद से विपक्ष डिप्रेशन में है। छात्र आंदोलन में कांग्रेस के किसी एक नेता ने पुलिस की एक लाठी तक नहीं खाई, लेकिन मलाई खाने सबसे पहले आगे आ गए।” राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान ने अब छात्र आंदोलन और इस्तीफे के पूरे घटनाक्रम को एक नया सियासी मोड़ दे दिया है।
