NEET पेपर लीक मामले में केंद्र का बड़ा फैसला: माफियाओं के लिए काल बना कानून, 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ का जुर्माना

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लाखों छात्रों की दिन-रात की कड़ी मेहनत और उनके माता-पिता के खून-पसीने की कमाई जब एक पेपर लीक से मिट्टी में मिल जाती है, तो पूरे देश का दिल दहल जाता है। NEET परीक्षा में हुए पेपर लीक विवाद के बाद देशभर के छात्रों का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला। लेकिन अब परीक्षा माफियाओं का यह काला धंधा पूरी तरह खत्म होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सामने आकर देश के करोड़ों युवाओं को यह भरोसा दिलाया है कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री के कड़े रुख से साफ हो गया है कि अब ऐसे गंभीर मामलों की फाइलें अदालतों में सालों-साल नहीं सड़ेंगी। ‘तारीख पर तारीख’ का दौर खत्म कर फास्ट-ट्रैक सुनवाई होगी और दोषियों को सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

केंद्र सरकार का ब्रह्मास्त्र

माफियाओं पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 (लोक परीक्षा अनुचित साधन निवारण अधिनियम, 2024) को 21 जून 2024 से देशभर में कड़ाई से लागू कर दिया है। इस कानून का सीधा मकसद परीक्षा प्रणाली में शामिल दीमकों चाहे वे परीक्षा केंद्र के कर्मचारी हों, प्रिंटिंग प्रेस के लोग हों या फिर करोड़ों का काला कारोबार चलाने वाले कोचिंग माफिया—सभी का खात्मा करना है।

इस कानून के तहत क्या-क्या अपराध माना जाएगा?

  • पेपर लीक करना या लीक हुआ प्रश्नपत्र अपने पास रखना।
  • प्रश्नपत्र की गैर-कानूनी उपलब्धता कराना।
  • उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करना।
  • डमी कैंडिडेट (छद्म अभ्यर्थी) बिठाकर परीक्षा दिलाना।

सख्त सजा और भारी जुर्माना: बेल की कोई गुंजाइश नहीं

इस कानून के तहत दी जाने वाली सजाएं इतनी सख्त हैं कि कोई भी अपराध करने से पहले सौ बार सोचेगा:

  1. व्यक्तिगत धोखाधड़ी (Individual Level): कम से कम 3 से 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना।
  2. संगठित गिरोह व कोचिंग माफिया (Organized Crime): 5 से 10 साल तक की कड़ा सश्रम कारावास और कम से कम 1 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना।
  3. संपत्ति की जब्ती: किसी भी संस्था, कॉलेज या परीक्षा केंद्र की संलिप्तता पाए जाने पर उसकी पूरी संपत्ति जब्त की जाएगी। परीक्षा रद्द होने और दोबारा कराने में हुए सरकारी नुकसान की पाई-पाई माफियाओं की संपत्ति नीलाम करके वसूली जाएगी।

किन परीक्षाओं पर लागू होगा यह कानून?

यह कानून सिर्फ NEET तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सभी प्रमुख परीक्षाओं पर लागू होता है:

  • UPSC (संघ लोक सेवा आयोग)
  • SSC (कर्मचारी चयन आयोग)
  • NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी)
  • Railway (रेलवे भर्ती बोर्ड)
  • IBPS (बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान)
  • केंद्र सरकार की अन्य सभी सार्वजनिक परीक्षाएं।

राज्य सरकारों के लिए भी कड़ा संदेश

केंद्र सरकार ने तो देश का सबसे कठोर कानून बना दिया है, लेकिन अब जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। चाहे राजस्थान हो, पंजाब हो या झारखंड—हर राज्य को अपने यहाँ इस कानून को कड़ाई से लागू करना होगा ताकि देश के किसी भी हिस्से में किसी भी प्रतिभावान छात्र का सपना न टूटे।

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