पश्चिम बंगाल विधानसभा में हंगामा: टीएमसी विधायक कुणाल घोष को मार्शलों ने घसीटकर सदन से निकाला
पश्चिम बंगाल विधानसभा में गृह विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब टीएमसी विधायक कुणाल घोष और पार्टी के बागी गुट के विधायक अखरूज्जमान के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि विधानसभा के मार्शलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और कुणाल घोष को सदन से बाहर ले जाया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधानसभा में गृह विभाग के बजट पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान कालीघाट तृणमूल गुट ने आरोप लगाया कि उनके विधायकों को बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। उनका दावा था कि वक्ताओं की सूची से उनके नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया और टीएमसी के अलग-अलग गुटों के विधायक आमने-सामने आ गए।
अखरूज्जमान और कुणाल घोष के बीच हुई तीखी बहस
बताया जा रहा है कि जैसे ही टीएमसी के बागी विधायक अखरूज्जमान ने अपनी बात रखना शुरू किया, कुणाल घोष अपनी सीट छोड़कर उनके पास पहुंच गए। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुणाल घोष ने वक्ताओं की सूची से नाम हटाने को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई।
देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों नेताओं के बीच हाथापाई जैसी स्थिति बन गई। अन्य विधायकों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश की।
स्पीकर के आदेश पर मार्शलों ने किया बाहर
सदन में लगातार हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष रथिंद्र बसु ने कुणाल घोष को अपनी सीट पर लौटने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया तो उन्हें सदन से बाहर कर दिया जाएगा।
जब कुणाल घोष नहीं माने, तब स्पीकर ने मार्शलों को कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद मार्शलों ने कुणाल घोष को पकड़कर विधानसभा से बाहर कर दिया। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।
एक दिन के लिए निलंबित
रिपोर्ट्स के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष ने कुणाल घोष को उसी दिन की कार्यवाही के लिए निलंबित भी कर दिया।
मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने की निंदा
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने घटना की आलोचना करते हुए कहा कि विधानसभा जैसे लोकतांत्रिक मंच पर इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।
उन्होंने कहा “विरोध कई तरह के होते हैं। यहां 7-8 बार के विधायक भी मौजूद हैं, लेकिन मैंने ऐसी बदतमीजी पहले कभी नहीं देखी। अखरूज्जमान लंबे समय से विधायक और पूर्व मंत्री हैं। उनके पिता हबीबुर रहमान मुर्शिदाबाद के सम्मानित व्यक्ति रहे हैं। आज जिस तरह उनके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार हुआ, मैं मुख्यमंत्री और विधानसभा में पार्टी के नेता के तौर पर इसकी कड़ी निंदा करता हूं।”
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना के बाद विधानसभा के भीतर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सोशल मीडिया यूज़र्स की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
