पाकिस्तानी सेना की नाक में दम करने वाली ‘बलोच आर्मी’ कितनी बड़ी है? जानिए BLA के लड़ाकों की ताकत और रणनीति

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पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने हाल ही में मस्तुंग में पाकिस्तानी सेना के काफिले पर बड़ा हमला कर 45 से अधिक सैनिकों को मार गिराने का दावा किया है। इस ताबड़तोड़ अटैक के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर यह बलोच आर्मी कितनी बड़ी है, जो इतनी आसानी से पाकिस्तानी सेना को निशाना बना रही है?

क्या है बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA)?

बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक सशस्त्र राष्ट्रवादी संगठन है, जो बलोचिस्तान को पाकिस्तान से अलग कर एक स्वतंत्र देश बनाने की मांग कर रहा है। BLA का आरोप है कि पाकिस्तानी सरकार बलोचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों (जैसे गैस, तेल और खनिज) का जमकर शोषण कर रही है, लेकिन इसका कोई भी लाभ वहां के स्थानीय बलोच लोगों को नहीं मिल रहा है। बलोच विद्रोही इसे अपनी आजादी की लड़ाई बताते हैं, जबकि पाकिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने BLA को आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है।

कितनी बड़ी है बलोच लड़ाकों की संख्या?

पहाड़ी और बेहद दुर्गम इलाकों में छिपकर काम करने के कारण बलोच लड़ाकों की सटीक संख्या बताना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन खुफिया रिपोर्टों के अनुसार इनकी ताकत लगातार बढ़ रही है:

  • BLA के लड़ाके: साल 2020 में BLA के पास करीब 600 लड़ाके बताए जाते थे, लेकिन साल 2025-26 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 3,000 के आसपास पहुंच चुकी है।
  • कुल अलगाववादी ताकत: BLA के अलावा बलोचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) और बलोच नेशनल आर्मी (BNA) जैसे कई अन्य समूह भी वहां सक्रिय हैं। अगर इन सभी अलगाववादी गुटों को मिला दिया जाए, तो कुल लड़ाकों की संख्या 5,000 से 10,000 के बीच हो सकती है।

पाकिस्तानी सेना का दावा है कि उसने हाल के वर्षों में सैकड़ों लड़ाकों को मार गिराया है, लेकिन BLA सोशल मीडिया के जरिए नए युवाओं की भर्ती करने में कामयाब हो रहा है। इसके लिए वे पाकिस्तानी सरकार द्वारा स्थानीय लोगों को जबरन गायब करने और मानवाधिकारों के उल्लंघन को हथियार बनाते हैं।

क्या है BLA की रणनीति?

पाकिस्तानी सेना संख्या बल और हथियारों के मामले में बलोच लड़ाकों से बहुत बड़ी है, इसलिए BLA सीधे तौर पर आमने-सामने का युद्ध नहीं लड़ता। वे गुरिल्ला युद्ध और ‘हिट-एंड-रन’ (हमला करो और छिप जाओ) की रणनीति अपनाते हैं, जिसे सैन्य भाषा में ‘एसिमेट्रिक वॉरफेयर’ कहा जाता है। वे घात लगाकर सेना के काफिले, बसों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हैं और फिर पहाड़ों में गायब हो जाते हैं।

बलूचिस्तान अलग हुआ तो आधा रह जाएगा पाकिस्तान

क्षेत्रफल के हिसाब से बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है। यह करीब 3,47,190 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जो पाकिस्तान के कुल क्षेत्रफल का 43.6 प्रतिशत हिस्सा है। यानी अगर बलूचिस्तान पाकिस्तान से अलग हो जाता है, तो पाकिस्तान का लगभग आधा हिस्सा उसके हाथ से निकल जाएगा।

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