क्या गुजरात में चुपचाप तैयार हो रहा था जैश का नया आतंकी नेटवर्क? ATS की बड़ी कार्रवाई में 8 संदिग्ध गिरफ्तार
क्या गुजरात में चुपचाप एक नया आतंकी नेटवर्क तैयार किया जा रहा था? क्या कुछ लोग भारत में रहकर पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम कर रहे थे? और क्या गुजरात एटीएस ने समय रहते इस पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश कर दिया? ये वो गंभीर सवाल हैं जो इस वक्त देश की सुरक्षा एजेंसियों के सामने खड़े हैं। गुजरात एटीएस ने आतंकवाद के खिलाफ एक बेहद बड़े और खुफिया ऑपरेशन को अंजाम देते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए गुजरात की धरती पर एक मजबूत नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे। आखिर ये लोग कौन हैं, एटीएस को इनके खिलाफ क्या सबूत मिले और जांच अब किस दिशा में बढ़ रही है, आइए पूरी खबर को विस्तार से समझते हैं।
आतंकवाद पर गुजरात एटीएस का कड़ा प्रहार
गुजरात एटीएस ने देश की सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए इस पूरे आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया है। एटीएस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए ये सभी 8 आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस ने आरोपियों के खिलाफ यूएपीए (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इसके बाद राज्य के कई संवेदनशील ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए इन आठों लोगों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से अधिकांश गुजरात के ही अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं, जबकि इनमें से एक आरोपी मध्य प्रदेश के देवास का रहने वाला बताया गया है।
पाकिस्तानी हैंडलर ‘अब्दुल्ला साहब’ और मदरसे का कनेक्शन
जांच एजेंसियों की शुरुआती पूछताछ और तफ्तीश में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। एटीएस के दावों के मुताबिक, ये सभी लोग पाकिस्तान में बैठे ‘अब्दुल्ला साहब’ नाम के एक हैंडलर के लगातार संपर्क में थे। इसी पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर ये आरोपी गुजरात में जैश का एक मजबूत नेटवर्क खड़ा करने की कोशिशों में दिन-रात लगे हुए थे। इतना ही नहीं, इस नेटवर्क को बढ़ाने और गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इन्हें एक अज्ञात शख्स के जरिए 3 लाख रुपये की फंडिंग भी मुहैया कराई गई थी।
हैरानी की बात यह है कि ये सभी आरोपी गुजरात के पाटण इलाके में स्थित एक मदरसे में छिपकर रह रहे थे। एटीएस ने जब इस मदरसे पर रेड की, तो वहां से भारी मात्रा में संदिग्ध जिहादी साहित्य और कुछ आपत्तिजनक पर्चे भी जब्त किए गए हैं। फिलहाल केंद्रीय और राज्य की जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था, क्या इनका संपर्क दूसरे राज्यों में मौजूद स्लीपर सेल्स से भी था, और क्या इनके कुछ अन्य विदेशी हैंडलर्स से भी सीधे संबंध थे।
जैश का पुराना इतिहास और गुजरात में बढ़ता खतरा
आपको बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद (JeM) पाकिस्तान का एक बेहद खतरनाक आतंकवादी संगठन है, जिसे आतंकी मसूद अजहर ने साल 2000 में खड़ा किया था। इस संगठन पर भारत समेत दुनिया के कई देशों में भयानक आतंकी हमलों को अंजाम देने के दाग हैं। गुजरात में इस तरह की आतंकी साजिश का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसी साल 21 अप्रैल 2026 को भी गुजरात एटीएस ने आईएसआईएस (ISIS) से जुड़े दो आतंकियों को धर दबोचा था, जो सोशल मीडिया के जरिए स्थानीय युवाओं को बरगलाकर ऑनलाइन भर्ती का एक बड़ा नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहे थे। बहरहाल, पकड़े गए इन 8 नए आरोपियों से अब तमाम जांच एजेंसियां अलग-अलग एंगल से कड़ी पूछताछ कर रही हैं ताकि इनके पूरे नेक्सस को जड़ से उखाड़ा जा सके।
