दिल्ली दंगे मामला: पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े एक मामले में जेल में बंद आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करे।
जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने ताहिर हुसैन की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तारीख तय की है, तब तक पुलिस को इस पर अपना स्टेटस रिपोर्ट (जवाब) दाखिल करना होगा।
निचली अदालत से झटका लगने के बाद पहुंचे हाईकोर्ट
ताहिर हुसैन ने हाईकोर्ट का दरवाजा तब खटखटाया जब निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हुसैन के वकील ने दलील दी कि वह लंबे समय से जेल में हैं और इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है, इसलिए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के सांप्रदायिक दंगों के दौरान दयालपुर इलाके में हुई हिंसा और दंगाइयों को कथित तौर पर उकसाने व फंडिंग करने से जुड़ा हुआ है। ताहिर हुसैन पर दंगों की साजिश रचने, हिंसा भड़काने और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत भी आरोप लगे हैं।
हुसैन के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज की थीं, जिनमें से इस विशेष मामले में अब हाईकोर्ट ने पुलिस से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। 24 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में यह साफ होगा कि पुलिस ताहिर हुसैन की जमानत का किन आधारों पर विरोध करती है।
