एक ही घर में दो राज्य! किचन तेलंगाना में, बेडरूम महाराष्ट्र में; जानिए इस अनोखे घर की कहानी

Aksjhay

क्या आपने कभी ऐसा घर देखा है, जहां एक कमरे से दूसरे कमरे में जाते ही राज्य बदल जाए? सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन भारत में एक ऐसा घर वास्तव में मौजूद है। महाराष्ट्र और तेलंगाना की सीमा पर स्थित एक परिवार का घर दो राज्यों में बंटा हुआ है। इस अनोखी स्थिति के कारण यह घर पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय बना हुआ है।


कहां है यह अनोखा घर?

यह घर महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले और तेलंगाना के कोमराम भीम आसिफाबाद जिले की सीमा के पास स्थित है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पवार परिवार का घर है, जिसके ठीक बीच से दोनों राज्यों की सीमा गुजरती है। बताया जाता है कि सीमा निर्धारण के दौरान सरकारी सर्वे में घर के बीचों-बीच राज्य की सीमा तय कर दी गई। इसके बाद यह घर दो अलग-अलग राज्यों का हिस्सा बन गया।


आधा घर महाराष्ट्र में, आधा तेलंगाना में

पवार परिवार के इस घर में कुल आठ कमरे हैं। इनमें से चार कमरे महाराष्ट्र की सीमा में आते हैं, जबकि बाकी चार कमरे तेलंगाना में स्थित हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि परिवार का रसोईघर (किचन) तेलंगाना में है, जबकि घर के अन्य कमरे महाराष्ट्र में पड़ते हैं। इसका मतलब यह है कि परिवार खाना एक राज्य में बनाता है और कुछ कदम चलकर दूसरे राज्य में बैठकर खाता है। घर से बाहर निकले बिना ही राज्य बदल जाना इस घर की सबसे अनोखी पहचान बन चुका है।


क्या इससे परिवार को कोई परेशानी होती है?

सामान्य तौर पर ऐसी स्थिति जटिल लग सकती है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पवार परिवार ने इस अनोखी व्यवस्था के साथ खुद को अच्छी तरह ढाल लिया है। परिवार का कहना है कि उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में इससे कोई बड़ी दिक्कत नहीं होती। हालांकि, प्रशासनिक कार्यों और सरकारी दस्तावेजों में कभी-कभी यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि अलग-अलग सेवाएं दोनों राज्यों के अलग-अलग प्रशासनिक क्षेत्रों के अंतर्गत आती हैं।


क्या दोनों राज्यों की योजनाओं का लाभ मिलता है?

सोशल मीडिया पर अक्सर यह दावा किया जाता है कि यह परिवार दोनों राज्यों को टैक्स देता है और दोनों सरकारों की सभी योजनाओं का लाभ उठाता है। लेकिन इस दावे की कोई स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी सरकारी योजना का लाभ संबंधित पात्रता, निवास प्रमाण, दस्तावेजों और राज्य के नियमों के आधार पर तय किया जाता है। इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि केवल दो राज्यों की सीमा पर घर होने से स्वतः दोनों राज्यों की सभी सुविधाएं मिल जाती हैं।


क्यों चर्चा में है यह घर?

भारत में राज्यों की सीमाएं कई गांवों और खेतों से होकर गुजरती हैं, लेकिन किसी आवासीय मकान के बीच से सीमा गुजरना बेहद दुर्लभ घटना है। यही कारण है कि पवार परिवार का यह घर देशभर में लोगों की जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है। यह घर न केवल एक अनोखी भौगोलिक स्थिति का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि प्रशासनिक सीमाएं कभी-कभी लोगों के दैनिक जीवन को कितने दिलचस्प तरीके से प्रभावित कर सकती हैं।