Delhi Riots: कोर्ट के फैसले के बाद ताहिर हुसैन पर घिरी AAP, बीजेपी ने केजरीवाल से मांगी अंकित शर्मा के परिवार से माफी
फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामले में अदालत के एक बड़े फैसले ने देश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल ला दिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता और पार्षद ताहिर हुसैन को कोर्ट ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के जवान अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या करने, दंगे भड़काने और साजिश रचने का दोषी करार दिया है। इस अदालती फैसले के बाद अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उस वक्त ताहिर हुसैन का बचाव करने वाले तथाकथित ‘लिबरल गैंग’ पर चौतरफा हमले शुरू हो गए हैं।
CAA विरोध की आड़ में रची गई थी खौफनाक साजिश
फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध की आड़ में उत्तर-पूर्वी दिल्ली को एक सोची-समझी साजिश के तहत आग के हवाले कर दिया गया था। इसी हिंसा के दौरान देश की सुरक्षा में तैनात आईबी (IB) अधिकारी अंकित शर्मा को ताहिर हुसैन और उसकी हिंसक भीड़ ने अगवा कर लिया था।
अंकित शर्मा की जो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई थी, उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। डॉक्टरों के मुताबिक, उनके शरीर पर धारदार हथियारों से किए गए 51 चोटों के निशान थे। इस खौफनाक कत्ल के बाद अंकित शर्मा के बेबस पिता ने दयालपुर थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन पर हत्या, अपहरण, दंगा भड़काने और सबूत मिटाने जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था, जिसे आज कोर्ट ने सही माना है।
अरविंद केजरीवाल और वोट बैंक की राजनीति पर सवाल
ताहिर हुसैन के दोषी साबित होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल उसकी राजनीतिक शह पर उठ रहा है। दंगों के वक्त दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार थी और ताहिर हुसैन कोई आम कार्यकर्ता नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी नेताओं में शुमार था। अमानतुल्ला खान और ताहिर हुसैन जैसे चेहरों को पार्टी का बड़ा मुस्लिम चेहरा माना जाता था।
आरोप है कि जब दिल्ली जल रही थी और ताहिर हुसैन की छत पर तेजाब की बोतलें, पेट्रोल बम और पत्थर जमा किए जा रहे थे, तब सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के चलते आंखें मूंद ली थीं। जब पुलिस ताहिर हुसैन की तलाश कर रही थी, तब आम आदमी पार्टी और खुद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए विक्टिम कार्ड खेलना शुरू कर दिया था।
बेनकाब हुआ ‘लिबरल गैंग’ और बॉलीवुड का एक धड़ा
ताहिर हुसैन को बचाने की यह कवायद सिर्फ राजनीतिक गलियारों तक ही सीमित नहीं थी। जैसे ही पुलिस का शिकंजा ताहिर पर कसा, सोशल मीडिया पर देश का तथाकथित ‘लिबरल गैंग’, बुद्धिजीवी और बॉलीवुड एक्टिव हो गए थे। विशाल डडलानी, मोहम्मद जुबैर, स्वरा भास्कर से लेकर अनुराग कश्यप तक, कई नामी चेहरों ने ताहिर हुसैन के समर्थन में पोस्ट लिखे थे और उसे दंगों का पीड़ित बताने की कोशिश की थी। हालांकि, कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले ने आज इन सभी के दावों की हवा निकाल दी है।
बीजेपी का तीखा हमला
कोर्ट के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा:
“अदालत से आए फैसले के आधार पर यह पूरी तरह साबित हो चुका है कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हमेशा ‘गिद्ध संस्कृति’ वाली घिनौनी राजनीति की है।”
क्या अंकित शर्मा के परिवार से माफी मांगेंगे केजरीवाल?
ताहिर हुसैन आज सलाखों के पीछे अपने कर्मों की सजा भुगतने की राह पर है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में अभी भी यह सवाल गूंज रहा है कि क्या अरविंद केजरीवाल और ताहिर हुसैन को डिफेंड करने वाला लिबरल गैंग देश की जनता और शहीद अंकित शर्मा के परिवार से माफी मांगेगा? इंसाफ की यह लड़ाई तब तक अधूरी है, जब तक दंगाइयों के पीछे खड़े इन राजनीतिक और सामाजिक चेहरों का असली चेहरा पूरी तरह बेनकाब नहीं हो जाता।
