तमिलनाडु की सियासत में महाभूकंप: क्या गिर जाएगी जोसेफ विजय की सरकार? TVK विधायकों को ₹35 करोड़ के ऑफर का आरोप, DMK बैकफुट पर
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त एक ऐसा सियासी भूचाल आया हुआ है, जिसने पूरे देश के राजनीतिक गलियारों को हिलाकर रख दिया है। अभिनेता से राजनेता बने जोसेफ विजय की नई नवेली सरकार को गिराने की एक कथित और बेहद सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश हुआ है। आरोप है कि राज्य में विधायकों की सरेआम ‘मंडी’ सजी है, जहां सरकार गिराने के लिए लोकतंत्र का सौदा करोड़ों रुपये में किया जा रहा है। इस खुलासे के बाद से मुख्य विपक्षी दल DMK पूरी तरह से बैकफुट पर आ गया है।
विधायक एन. इलैयाराजा का बड़ा दावा
तमिलनाडु की गंदी राजनीति का यह घिनौना चेहरा तब सामने आया, जब विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के विधायक एन. इलैयाराजा ने एक चौंकाने वाला आरोप लगाया। विधायक का दावा है कि उन्हें तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष JDS प्रभाकर के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार के खिलाफ वोट करने के लिए पूरे 35 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। शिकायत के अनुसार, थिरुनावुक्करासु नाम के एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था, जो IPDS (इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज) नाम की एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म से जुड़ा हुआ है।
“मुझे विजय सरकार के खिलाफ वोट करने के लिए 35 करोड़ रुपये का लालच दिया गया। यह लोकतंत्र की सरेआम हत्या करने की कोशिश है।”
— एन. इलैयाराजा, विधायक (TVK)
चेन्नई पुलिस का बड़ा एक्शन
विधायक इलैयाराजा की लिखित शिकायत पर चेन्नई पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और IPDS के कर्मचारी थिरुनावुक्करासु समेत तीन लोगों को धर-दबोचा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों के तार सीधे DMK के कद्दावर नेता सेंथिल बालाजी और उनके भाई वी. अशोक कुमार से जुड़ रहे हैं। तमिलनाडु की सियासत में सेंथिल बालाजी और उनके करीबियों को ‘करूर गैंग’ के नाम से जाना जाता है, जो पहले भी कई विवादों और घोटालों में घिरे रहे हैं।
15 विधायकों के इस्तीफे का था ‘मास्टरप्लान’
सियासी गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, यह खेल सिर्फ एक विधायक को खरीदने तक सीमित नहीं था। बल्कि यह पूरी की पूरी जोसेफ विजय सरकार को उखाड़ फेंकने का एक सुनियोजित ‘मास्टरप्लान’ था। TVK के 15 विधायकों को एक साथ मोटी रकम देकर इस्तीफा दिलवाना था। ताकि सदन में जोसेफ विजय की सरकार अल्पमत में आ जाए और धड़ाम से गिर जाए। तमिलनाडु के मंत्री सीटी निर्मल कुमार ने सीधे तौर पर DMK और करूर गैंग को इस घिनौनी साजिश का मास्टरमाइंड बताया है। उन्होंने दावा किया कि ये दलाल TVK के विधायकों को 10 करोड़, 20 करोड़ और यहां तक कि 50 करोड़ रुपये तक की खुली पेशकश कर रहे हैं और इन्होंने पार्टी के लगभग हर विधायक से संपर्क साधने की कोशिश की है।
‘सिर्फ सनसनी फैलाने की कोशिश’
दूसरी तरफ, इन गंभीर आरोपों पर DMK ने भी कड़ा रुख अपनाया है। DMK के प्रवक्ता ए. सरवनन ने विजय की सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि TVK इस जांच से जुड़ी जानकारियों को जानबूझकर मीडिया में लीक कर रही है। उनका आरोप है कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने और जनता के बीच महज सनसनी फैलाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है।
आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर के बीच एक बात तो बिल्कुल साफ है कि तमिलनाडु की राजनीति इस वक्त अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुकी है। एक तरफ जहां राज्य की आम जनता बिजली बिल, बढ़ती बेरोजगारी और कमरतोड़ महंगाई से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ राजनेता करोड़ों रुपये के सूटकेस लेकर होटलों और कंसल्टेंसी फर्मों में सरकारों को गिराने और बनाने की डील्स पक्की कर रहे हैं।
