फिर एक्शन में योगी की पुलिस: फिरोजाबाद में ASP अनुज चौधरी ने फीते से नापी ताजियों की लंबाई, DM-SSP ने संभाली कमान

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उत्तर प्रदेश में कानून का राज कैसे चलाया जाता है, अपराधियों के दिल में खाकी का खौफ कैसे बिठाया जाता है और तुष्टीकरण की राजनीति को कैसे घुटनों पर लाया जाता है अगर यह देखना है, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुलिस को देखिए। यूपी में लॉ एंड ऑर्डर का सीधा सा मतलब है ना कोई समझौता, ना कोई ढिलाई। एक बार फिर योगी की पुलिस फुल एक्टिव मोड में नजर आ रही है। मामला मोहर्रम के जुलूस से जुड़ा हुआ है, जहां यूपी के दबंग और तेज-तर्रार माने जाने वाले एएसपी (ASP) अनुज चौधरी खुद सड़कों पर ताजियों को चेक करते नजर आए। पुलिस की इस मुस्तैदी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग पुलिसिया कार्रवाई की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।

हादसों को रोकने के लिए पुलिस सख्त, संवेदनशील इलाकों में फुट मार्च

अक्सर देखा जाता है कि मोहर्रम के दौरान कई इलाकों में जबरन अत्यधिक ऊंचे और लंबे ताजिए बनाए जाते हैं। इन ताजियों के सड़क के ऊपर से गुजर रहे बिजली के हाई-वोल्टेज तारों से टकराने की आशंका हमेशा बनी रहती है, जिससे पहले भी कई बड़े और दर्दनाक हादसे हो चुके हैं। इसी खतरे को भांपते हुए और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए फिरोजाबाद के डीएम (DM) और एसएसपी (SSP) ने खुद भारी पुलिस बल के साथ सड़कों पर फुट मार्च किया।

शिकोहाबाद, जसराना और सिरसागंज जैसे वो इलाके, जिन्हें कानून व्यवस्था के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है और जहां मामूली सी बात पर सांप्रदायिक चिंगारी भड़क सकती है, वहां खुद एएसपी अनुज चौधरी ने कमान संभाली। उन्होंने किसी भी तरह के हुड़दंग को रोकने के लिए भारी पुलिस बल के साथ सुरक्षा का कड़ा घेरा तैयार किया।

बिना किसी दबाव के नापी ताजियों की लंबाई, दिए सख्त निर्देश

एएसपी अनुज चौधरी ने बिना किसी हिचकिचाहट और बिना किसी राजनीतिक दबाव के, एक-एक ताजिए के पास जाकर सरकारी गाइडलाइंस के मुताबिक उनकी लंबाई जांची। सीएम योगी आदित्यनाथ का साफ और कड़ा आदेश है कि तय मानकों से एक इंच भी ऊपर ताजिया नहीं होना चाहिए। अगर ताजिया तय मानक से ऊंचा पाया गया, तो उसे सड़क पर उतरने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी।

इस औचक चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जब मीडिया ने एएसपी अनुज चौधरी से सवाल किया, तो उन्होंने कड़े लहजे में दोटूक कहा:

“क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी ताजियों की बारीकी से चेकिंग की जा रही है। सभी कमेटियों और लोगों से साफ तौर पर संवाद कर उन्हें सख्त हिदायत दी जा रही है कि शासनादेश और सरकारी गाइडलाइंस के खिलाफ कुछ भी न किया जाए। इसी क्रम में आज मानकों को परखने के लिए ताजियों की लंबाई जांची गई है।”

तुष्टीकरण की राजनीति पर करारा तमाचा, अपराधियों में खौफ

आपको बता दें कि यह वही उत्तर प्रदेश है जहां अखिलेश यादव के दौर में एक खास समुदाय का नाम आते ही पुलिस के हाथ-पैर फूलने लगते थे। तब कोई भी कानूनी एक्शन लेने से पहले पुलिस वाले सौ बार सोचते थे। तुष्टीकरण की उसी घटिया राजनीति ने उत्तर प्रदेश को सालों तक दंगों की आग में झोंके रखा, जहां पुलिस लाचार थी और गुंडे-उपद्रवी पूरी तरह बेखौफ थे।

लेकिन आज यूपी में वक्त और माहौल दोनों बदल चुके हैं। अब अपराधियों और हुड़दंगियों को यह अच्छी तरह पता है कि अगर नियम तोड़े, तो सीधे यमराज से मुलाकात होगी या फिर अवैध संपत्ति पर योगी का बुलडोजर चल जाएगा। योगी आदित्यनाथ की पुलिस बिना किसी पक्षपात के काम करती है। नियम हिंदुओं के त्योहारों के लिए भी वही हैं और मुसलमानों के त्योहारों के लिए भी वही हैं।

“आस्था का सम्मान है, लेकिन हुड़दंग बर्दाश्त नहीं”

फिरोजाबाद पुलिस का यह एक्शन उन सभी लोगों के गाल पर एक करारा तमाचा है जो यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में रहना होगा, तो कानून के दायरे में रहना होगा। त्योहार मनाइए, आपकी आस्था का पूरा सम्मान है, लेकिन आपकी आस्था किसी दूसरे की जान के लिए खतरा नहीं बननी चाहिए और ना ही सरकारी नियमों का मजाक उड़ाने का जरिया बननी चाहिए।

फिरोजाबाद में पुलिस के इस कदम ने पूरे उत्तर प्रदेश को एक कड़ा संदेश दे दिया है। चाहे कोई कितना भी रसूखदार क्यों न हो, चाहे किसी के पीछे कोई भी मजहबी दीवार क्यों न खड़ी हो कानून का यह फीता सबके घमंड को नाप देगा। कानून का डंडा जब चलता है, तो वो मजहब देखकर नहीं चलता, वो सिर्फ और सिर्फ इंसाफ देखता है।

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