Kerala Contempt Case: वरिष्ठ IAS अधिकारी मोहम्मद हनीश ने केरल हाई कोर्ट से मांगी बिना शर्त माफी, जानें क्या है पूरा मामला
केरल हाई कोर्ट: केरल कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और पूर्व उद्योग प्रधान सचिव (काजू विभाग) मोहम्मद हनीश सोमवार (22 जून 2026) को केरल हाई कोर्ट के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। उन्होंने अदालत के आदेशों की अवहेलना करने के मामले में चल रही अदालत की अवमानना (Contempt of Court) कार्यवाही में बिना शर्त माफी मांग ली है।
कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी, पूछा- ‘क्या आदेश समझ नहीं आते?’
सुनवाई के दौरान जस्टिस ए. बदरुद्दीन की पीठ ने आईएएस अधिकारी के रवैये पर सख्त नाराजगी जाहिर की। अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए पूछा, “क्या मैं यह मानूं कि आप इस अदालत के आदेशों और फैसलों को समझने में सक्षम हैं? जब अदालत ने बार-बार आदेश जारी किए, तो आपने उनके मुताबिक कदम क्यों नहीं उठाया? क्या आप अपनी व्यक्तिगत और पक्षपातपूर्ण राय अदालत के ऊपर रख रहे थे?”
इसके बाद आईएएस मोहम्मद हनीश ने कोर्ट में एक हलफनामा (Affidavit) दायर कर अपनी गलतियों के लिए बिना शर्त माफी मांगी, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर ले लिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला केरल राज्य काजू विकास निगम (KSCDC) में हुए कथित भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों से जुड़ा हुआ है। इस मामले में पूर्व अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने (Prosecution Sanction) की मंजूरी देने के लिए हाई कोर्ट ने मोहम्मद हनीश को निर्देश दिए थे, क्योंकि कोर्ट को पहली नजर में भ्रष्टाचार के पर्याप्त सबूत मिले थे।
अदालत द्वारा बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद, मोहम्मद हनीश ने मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से इनकार करते हुए अपने स्तर पर आदेश पारित कर दिए थे। इसके बाद अदालत ने इसे अवमानना मानते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था। हनीश ने इस व्यक्तिगत पेशी के आदेश को डिवीजन बेंच में चुनौती भी दी थी, लेकिन वहां से भी उनकी अपील खारिज हो गई थी।
विभाग से हुआ तबादला, अगली सुनवाई 2 जुलाई को
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि मोहम्मद हनीश का तबादला अब उद्योग विभाग (काजू) के सचिव पद से कर दिया गया है। अब इस विभाग का कार्यभार संभाल रहे आईएएस के. बीजू को अदालत ने आगामी 9 जुलाई तक संबंधित अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी का आदेश पारित करने को कहा है। हाई कोर्ट अब 2 जुलाई 2026 को मोहम्मद हनीश की माफी पर विचार और अगली रूपरेखा तय करेगा।
