ममता के घर पहुंचे टीएमसी नेता कुणाल घोष पर फेंके गए अंडे, बढ़ते विरोध ने बढ़ाई पार्टी की मुश्किलें
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों सियासी तापमान लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के खिलाफ जनता का विरोध अब केवल नारों और प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है। ताजा मामला टीएमसी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष से जुड़ा है, जिन पर कथित तौर पर ममता बनर्जी के घर के बाहर अंडे फेंके गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ममता बनर्जी से मिलने जा रहे थे कुणाल घोष
जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब कुणाल घोष पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के आवास में प्रवेश कर रहे थे। इसी दौरान एक स्थानीय युवक ने उन पर अंडे फेंक दिए। घटना के बाद वहां कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि अंडे फेंकने वाले युवक का नाम चंदन है, जिसने बाद में मीडिया के सामने आकर इस घटना की जिम्मेदारी भी ली।
युवक ने दी अपनी सफाई
मीडिया से बातचीत के दौरान चंदन ने अपने कदम का बचाव करते हुए कहा कि वह टीएमसी नेताओं की कार्यशैली से नाराज है। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, उसने कहा, “इन लोगों ने जनता पर बहुत अत्याचार किए हैं। कुणाल घोष भी इससे अलग नहीं हैं। इसलिए वे इसी व्यवहार के हकदार हैं। इन्होंने हमारे साथ बहुत गलत किया है।”
हालांकि, इस घटना को लेकर टीएमसी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, कुणाल घोष ने भी तत्काल सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की।
लोकतांत्रिक विरोध या मर्यादा का उल्लंघन?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति जताना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन किसी भी नेता पर अंडे फेंकना या इस तरह की हरकतें लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं मानी जा सकतीं। असहमति जताने के लिए कई संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके मौजूद हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना सकती हैं।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे विरोध
यह पहली बार नहीं है जब किसी टीएमसी नेता को इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ा हो। कुछ समय पहले टीएमसी के वरिष्ठ नेता और विधायक मदन मित्रा के काफिले पर भी कथित तौर पर अंडे फेंके गए थे। यह घटना उत्तर 24 परगना जिले के कमरहाटी के अरियादह इलाके में हुई थी, जहां प्रदर्शनकारियों के विरोध के बीच उनके काफिले को वहां से हटाना पड़ा था।
इसके अलावा, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी भी विरोध प्रदर्शनों का सामना कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके काफिले पर पथराव किया गया था और कुछ लोगों ने जूते-चप्पल तथा अंडे भी फेंके थे।
