अभिषेक बनर्जी के पुष्पा को पुलिस ने हाफ पैंट में करवाया परेड, टीएमसी हुई बर्बाद
जहाँगीर खान को परेड करवाती पुलिस
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर डायमंड हार्बर और फालता क्षेत्र चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। इसकी वजह है तृणमूल कांग्रेस नेता Abhishek Banerjee का एक पुराना बयान और हाल ही में सामने आए कुछ वीडियो, जिनमें स्थानीय नेता जहांगीर खान को पुलिस हिरासत में ले जाते और सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए दिखाया जा रहा है।
इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं।
अभिषेक बनर्जी का वायरल बयान
हाल के दिनों में अभिषेक बनर्जी का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। इस बयान में उन्होंने फालता और डायमंड हार्बर क्षेत्र में अपने राजनीतिक प्रभाव का जिक्र करते हुए विरोधियों को चुनौती दी थी।
बयान को अब मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है और जिस डायमंड हार्बर को अभिषेक बनर्जी अपना गढ़ मानते थे अब उस डायमंड हार्बर में सुशासन की सरकार आई है। जिस जहाँगीर खान को कठपुतली के तौर अभिषेक बनर्जी इस्तेमाल कर रहे थे। वो जहाँगीर खान आज हाफ पैंट में फलता की सड़कों को पर लोगों से माफ़ी माँगते फिर रहा है।
कौन हैं जहांगीर खान?
जहांगीर खान का नाम हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों में चर्चा का विषय बना हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया के दौरान उनका नाम विवादों में आया था और बाद में वे सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए।
इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उन्हें पुलिस सुरक्षा के बीच ले जाया जाता और स्थानीय लोगों के सामने माफी मांगते हुए दिखाया गया। ख़ुद को ये जहाँगीर पुष्पा बता रहे थे। अभिषेक बनर्जी इस जहाँगीर खाने के लिए देश के गृह मंत्री को चुनौती दे रहे थे। अब इस जहाँगीर का क्या हाल है वो आप देख सकते है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़
जहांगीर खान से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोगों इस वीडियो को जमकर शेयर कर रहे हैं। बंगाल पुलिस की कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
बंगाल की राजनीति में बदलते समीकरण
जिस बंगाल को TMC ने पिछले 15 सालों से अपने राजनीति के हिसाब से ही इस्तेमाल किया। जनता के हितों के बारे में जरा भी नहीं सोचा। जनता के पैसों से अपने बैंक बैलेंस को मजबूत किया। अब उस बंगाल में बीजेपी के आने से सुशासन वापस लौट आया है। लोंगों का गुस्सा TMC को लेकर जो था वो अंडा ट्रीटमेंट के तौर पर निकल रहा है। और साथ ही साथ TMC के सांसद और विधायक पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि TMC ये बर्बादी अब कहाँ जाकर रुकती है।
