“आज्ञाकारी सेवक की तरह सुन रहे आदेश…” अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत पर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला!
ओमान के तट के पास खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी मिसाइल हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी ने इस दुखद घटना और उसके बाद अमेरिका के कड़े रुख को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “खामोशी” पर बेहद तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि देश के संप्रभु सम्मान की रक्षा करने के बजाय प्रधानमंत्री ‘दबाव’ में काम कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
ओमान के तट के पास खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना ने एक वाणिज्यिक पोत (MT Settebello) पर हवाई हमले किए, जिसमें चालक दल में शामिल तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई। अमेरिका का दावा है कि इस जहाज ने ईरान पर लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों का उल्लंघन किया था। इस घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में अमेरिकी उप-उच्चायुक्त (Charge d’Affaires) को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
विवाद तब और बढ़ गया जब विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (या मार्को रुबियो) के बीच बातचीत के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान जारी कर कहा कि “सभी वाणिज्यिक जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करना होगा और किसी भी प्रकार का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”।
राहुल गांधी का तीखा प्रहार: ‘आज्ञाकारी सेवक की तरह मान रहे आदेश’
अमेरिकी विदेश विभाग के इसी बयान को लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लिया। राहुल गांधी ने लिखा:
“अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद – न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए: ‘अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें। कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे कॉम्प्रोमाइज्ड (दबाव में आए) पीएम? मौन हैं! वे एक आज्ञाकारी सेवक की तरह सुनते हैं और आदेशों का पालन करते हैं।”
‘भारत मां के बेटों की रक्षा करने में सरकार नाकाम’
राहुल गांधी ने आगे आरोप लगाया कि जो प्रधानमंत्री देश का अपमान करने वालों के सामने लाचार हैं, वे देश के सम्मान की रक्षा नहीं कर सकते। उन्होंने सरकार से मांग की कि अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविकों के पार्थिव शरीर को तुरंत ससम्मान भारत वापस लाया जाए और अमेरिका से इस कृत्य के लिए जवाबदेही तय की जाए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे पर सरकार की चुप्पी को “शर्मनाक” बताते हुए कहा है कि ‘विश्वगुरु’ के नैरेटिव के बीच भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और संप्रभुता को हर दिन नुकसान पहुंचाया जा रहा है। विपक्ष के इस आक्रामक रुख के बाद अब देखना यह है कि आगामी वैश्विक मंचों और जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर इस कूटनीतिक तनाव पर केंद्र सरकार का अगला आधिकारिक कदम क्या होता है।
